मूक महिला भिखारी से लूट व हत्या के मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने एक आरोपी को उम्रकैद व 21 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
सहायक शासकीय अधिवक्ता राजकुमार वर्मा ने बताया कि ग्राम बंधिया मजरे गंगवारा कोतवाली देवा निवासी चेतन नट की मूक पुत्री भीख मांगकर जीवन यापन करती थी।
छह अप्रैल 2015 को वह देवा कस्बे गई थी। त्रिवेणी के खेत के पास जोलिया बनारस निवासी खलील ने उसका बैग लूट लिया। बैग में साढे़ तीन हजार रुपये तथा एक लोटा गिलास व कटोरा भी था।
विरोध करने पर खलील ने भिखारिन की हत्या कर दी थी। आरोपी ने साक्ष्य छिपाने के लिए उसका चेहरा जलाने का प्रयास भी किया। विवेचना के दौरान खलील की निशानदेही पर लूटे हुए 1800 रुपये व मृतका का बैग पुलिस ने बरामद किया।
घटना की रिपोर्ट मृतका के भाई पुतान ने देवा कोतवाली में दर्ज कराई थी। घटना से दो वर्ष पूर्व आरोपी खलील ने उसके साथ दुराचार भी किया था। जिसमें शिकायत की गई थी और बिरादरी की पंचायत में दो हजार दो सौ रुपये खलील ने जुर्माना अदा किया था।
इसी बात को लेकर खलील उससे रंजिश रखता था। न्यायालय में सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से आठ गवाह पेश किए गए।
गवाहों के बयान व दोनों पक्षों की बहस सुनने के पश्चात अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश उदयभान सिंह ने आरोपी खलील को हत्या व लूट का दोषी पाते हुए उम्रकैद व 21 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।