दो महीने पहले एक किसान पैसा निकालने बैंक गया तो उसके पैरों के नीचे से जमीन खिसक गई। पता चला किसी ने उसके केसीसी खाते से छह लाख रुपये निकाल लिए। उसने बैंक मे शिकायत की तो उसे फटकार कर भगा दिया गया।
इसके बाद उसकी शिकायत पर एडीएम ने जांच करवाई तो मामला सही पाया गया। रविवार को पुलिस ने बैंक के शाखा प्रबंधक व केसीसी बनवाने गए बिचौलिए समेत तीन के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। खास बात ये है कि अप्रैल मेें एक किसान ने कलेक्ट्रेट के सामने फांसी लगा लिया था। उस मामले में इसी शाखा प्रबंधक और बिचौलिए का नाम आया था।
हैदरगढ़ कोतवाली के नैपुरा गांव निवासी दिनेश कुमार का किसान क्रेडिट कार्ड पिछले साल बिचौलिए अमरेश तिवारी निवासी लोहंगपुर कोतवाली हैदरगढ़ ने 35 किमी दूर लखनऊ मार्ग पर भिलवल में स्थित बैंक आफ इंडिया शाखा मकनपुर में बनवा दिया था।
दो महीने पहले किसान जब पैसा निकालने बैंक पहुंचा तो उसके होश उड़ गए। पता चला कि उसके खाते से किसी ने छह लाख रुपये निकाल लिए। उसने इसकी शिकायत बैंक में की तो उसे फटकार कर भगा दिया गया। फिर दिनेश ने घटना की जानकारी एडीएम को दी।
उन्होंने जांच करवाई तो मामला सही पाया गया। इसके बाद रविवार को पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर बैंक के शाखा प्रबंधक राम नरेश, चतुर्थ श्रेणी कर्मी रामू व बैंक के बिचौलिए अमरेश तिवारी निवासी लोहंगपुर कोतवाली हैदरगढ़ के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।
थानाध्यक्ष अरुण कुमार द्विवेदी ने बताया कि गंभीर धाराओं में आरोपित कर पुलिस मामले की छानबीन कर रही है। वहीं, शाखा प्रबंधक रामनरेश ने कहा किसान व अमरेश के बीच ही आपसी लेने देन का मामला है। बैंक का इस विवाद से कोई नाता नहीं है।
वही प्रबंधक वही बिचौलिया
हैदरगढ के भुलभुलिया का पुरवा निवासी किसान आशाराम के 25/26 अप्रैल की रात को कलेक्ट्रेट के समीप फांसी लगाने के बाद बैंकों साहूकारों व बिचौलियों के गठजोड़ का खुुलासा हुआ था।
मृतक के सुसाइड नोट व परिवारीजनों के बयान के बाद डीएम ने इनके खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया था लेकिन घटना के चार माह बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है। आशाराम की बर्बादी भी बैंक आफ इंडिया शाखा मकनपुर में केसीसी बनवाने के बाद से ही शुरू हुई थी। उस मामले में भी शाखा प्रबंधक रामनरेश और बिचौलिया अमरेश तिवारी का नाम सामने आया था।