वध के लिए ले जाए जा रहे सात ट्रकों में भरे 359 मवेशियों को पुलिस ने पटेल पंचायती इंटर कॉलेज में उतरवाया। डीआईजी के हस्तक्षेप के बाद पुलिस ने सभी सात ट्रकों को सीज कर दिया है। ट्रकों के साथ पकड़े पांच तस्करों के खिलाफ पुलिस ने पशु क्रूरता अधिनियम के तहत कार्रवाई की है।
उधर पुलिस की लापरवाही के चलते सभी मवेशी बीस घंटे तक भूखे प्यासे रहे। इन मवेशियाें की सुपुदर्गी पाने के लिए ग्रामीणों की भीड़ भी आसपास ही लगी रही।
बीस घंटे तक मवेशियों को नहीं मिला चारा
रामसनेहीघाट पुलिस ने गुरुवार की देर रात मुखबिर की सुचना पर 7 ट्रकों पर लदे 359 मवेशियों को पकड़ा था जिसके बाद सभी पशुओ को पटेल पंचायती इंटर कालेज में उतारा गया। पशुओं को पकड़े हुऐ करीब 20 घंटे तक चारा पानी की भी व्यवस्था पुलिस नहीं कर सकी।
मवेशी भूखे प्यासे छटपाटे रहे। लेकिन पुलिस ने शुक्रवार शाम तक इनके लिए भूसे चारे की व्यवस्था नहीं कराई। इस संबंध में सीओ आरपी सिंह ने बताया की पशुओ के चारा पानी की व्यवस्था की जा रही है।
सात ट्रक सीज, पांच पर रिपोर्ट
पशु तस्करी का मामला हाइलाइट होने के बाद जागी जनपद की पुलिस ने अपना बचाव करते हुए पकड़े गए सात ट्रकों को सीज कर दिया। इन ट्रकों पर रहे पांच लोगों के खिलाफ पशु क्रूरता अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई।
पुलिस ने बताया कि पकड़े गए लोगों में साहिल पुत्र छेद्दा, आलम पुत्र छोटे, आलम पुत्र एहसान, नसीम पुत्र छोटे, जाने आलम पुत्र छोटे शामिल हैं। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि पुलिस ने सात ट्रकों के सभी सात चालकों को पकड़ा था। लेकिन दो चालकों को छोड़ दिया जबकि सिर्फ पांच पर ही कार्रवाई की।
पुलिस ने पीछा कर सात ट्रकों से 359 मवेशी बरामद किए हैं। पांच सात पशु तस्कर गिरफ्तार किये गए हैं। सभी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जा रहा है। -आरपी सिंह, सीओ रामसनेही घाट