रोडवेज बस के चालक और परिचालक की पिटाई का मामला बुधवार को तूल पकड़ गया। पुलिस कार्रवाई न होने से नाराज चालकों व परिचालकों ने हड़ताल कर चक्काजाम कर दिया। बाद में पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों से रिपोर्ट दर्ज करने का आश्वासन मिला तो बसों का संचालन शुरू किया गया। इस चौरान करीब पांच घंटे डिपो की 112 बसें जहां की तहां खड़ी रहीं। यात्रियों को तो काफी दिक्कत हुई ही, विभाग को भी डेढ़ लाख रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ।
रोडवेज की अनुबंधित बस के परिचालक देवनारायण व चालक आलोक कुमार ने मंगलवार को पुलिस को तहरीर दी थी। इसमें बताया था कि दोनों हेतमापुर से बस लेकर बाराबंकी आ रहे थे। मोहम्मदपुर खाला में एक महिला बस में सवार हुई थी। उसके पास एक ट्राली बैग व हैंडबैग था। बस में काफी भीड़ होने के कारण परिचालक ने महिला से सामान रखने को कहा। इसी को लेकर दोनों में विवाद हो गया था। आरोप है कि इसके बाद महिला ने फोन कर अपने साथियों को बुला लिया। देवा रोड पर महिला के साथियों ने बस रुकवाकर चालक व परिचालक को पीट दिया। इसके बाद सामान से भरे बैग बस में छोड़कर तीनों भाग गए।
मामले में बुधवार दोपहर तक भी रिपोर्ट दर्ज न होने से नाराज बस चालक व परिचालकों ने हड़ताल कर चक्काजाम कर दिया। जो बस जहां थी, वहीं खड़ी करवा दी गई। डिपो से चल रही 112 बसों का संचालन अचानक ठप होने से यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। दोपहर एक बजे से शुरू हुई हड़ताल की जानकारी सीओ सदर राजेश यादव व अतिरिक्त मजिस्ट्रेट रामनरायन के पास पहुंची तो दोनों ने एआरएम आरएस वर्मा को साथ लेकर बस चालकों और परिचालकों से बीतचीत की। आश्वासन दिया गया कि जो तहरीर मिली है उसी के आधार पर मुकदमा दर्ज कराकर कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद शाम छह बजे बसों का संचालन फिर से शुरू हो सका। इस दौरान पांच घंटे बस संचालन ठप रहा, जिससे यात्रियों को काफी दिक्कत हुई।