दरियाबाद पुलिस ने शनिवार को शांतिभंग के आरोप में दो किशोरों पर ही कार्यवाही करते हुए उनका चालान भी भेज दिया। लेकिन जब मामला एसडीएम कोर्ट पहुंचा तो एसडीएम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए किशोरों को कार्यवाही से मुक्त करते हुए दरियाबाद थानाध्यक्ष को नोटिस जारी कर मामले से जिलाधिकारी को अवगत कराया है।
दरियाबाद थानाक्षेत्र के चमरौली गांव में जयसिंह व तिलकराम के मध्य 8 मई को भूमि को लेकर विवाद हुआ था। जिसकी शिकायत दरियाबाद थाने पर दर्ज कराई गई थी, लेकिन कार्यवाही नहीं की गई। इसी बीच गत 12 मई को जयसिंह के घर अचानक आग लग गई।
जिस पर जयसिंह ने तिलकराम व उनके परिवार पर आग लगाने का आरोप लगाते हुए पुलिस से शिकायत की। शनिवार को इसी मामले में दोनों पक्षों के लोगों का चालान किया गया। लेकिन पुलिस ने जहां जयसिंह व तिलकराम का चालान किया वहीं उसने बिना देखे लगाए गए आरोप के अनुसार दो किशोरों (लगभग 12 और 14 वर्ष) को भी शांतिभंग के आरोप में पाबंद करते हुए चालान कर दिया।
जब जमानत कराने के लिए सभी लोग तहसील रामसनेहीघाट एसडीएम कोर्ट पहुंचे तो किशोरों को देखते ही एसडीएम ने नाराजगी जताई तथा किशोरों पर कार्रवाई न करते हुए पुलिस को अल्टीमेटम दे दिया। इस संबंध में उपजिलाधिकारी गरिमा स्वरूप ने बताया कि किशोरों पर शांतिभंग की कार्रवाई नहीं की जा सकती है।
एसडीएम ने कहा पुलिस द्वारा बिना देखे की गई इस प्रकार की कार्यवाही से थानाध्यक्ष को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए पूरे मामले से जिलाधिकारी को अवगत कराया गया है।