सफदरगंज के दादरा में सांसद बेनी प्रसाद वर्मा के दामाद के पट्रोल पंप पर मंगलवार को लखनऊ व बाराबंकी की आयकर टीम ने छापेमारी की। दोपहर में शुरू हुई कार्रवाई देर शाम तक जांच जारी है। टीम ने अभी तक जांच में 50 लाख की गड़बड़ी पकड़ी है।
नोटबंदी में पेट्रोल पंप मालिक ने 50 दिन में 2 करोड़ 70 लाख रुपये जमा किए थे, जबकि पेट्रोल पंप पर बिक्री का हिसाब सिर्फ 2 करोड़ 20 लाख रुपये ही मिला है। नोटबंदी के दौरान जिन पेट्रोल पंपों पर अधिक मात्रा में डीजल व पट्रोल बेचने का काम किया गया था, उन्हें आयकर विभाग द्वारा चिन्हित किया गया है।
इन पेट्रोल पंपों पर इस समय व नोटबंदी की बिक्री का आकलन करने के साथ इनकी जांच की जा रही है। जिले में सफदरगंज थाना क्षेत्र के दादरा स्थित सतीश वर्मा के पेट्रोल पंप पर जिले व लखनऊ की आयकर टीम ने संयुक्त छापेमारी की। यहां पर आयकर टीम दोपहर करीब तीन बजे पहुंची और देर शाम तक जांच में जुटी रही।
यह पेट्रोल पंप सपा के वरिष्ठ नेता व सांसद बेनी प्रसाद वर्मा के दामाद का है। हालांकि, अधिकारी इस बारे में कुछ नहीं बता रहे है। पेट्रोल पंप पर हुई आयकर टीम की छापेमारी के बाद जिले के अन्य पेट्रोल पंप संचालकों में भी हड़कंप है। अब जल्द ही कई अन्य जगहों पर भी छापेमारी हो सकती है।