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लोगों ने किया प्रदर्शन

Tue, 07 Jul 2015 11:50 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/बाराबंकी
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कोठी थाने में जिंदा जलाई गई पत्रकार की मां की मौत के बाद पत्रकारों में आक्रोश और बढ़ गया है। मामले को लेकर जिला पंचायत सभागार में बैठक बुलाई हुई जिसमें पत्रकारों ने अपने विचार व्यक्त करते हुई आरोपियों को गिरफ्तारी, थाने का पूरा स्टाफ हटाने, जानकारी होने के बाद भी मामले में हस्तक्षेप न करने पर एसपी पर कार्रवाई करने, आरोपियों के खिलाफ हत्या की धाराओं में मुकदमा दर्ज करने और पीड़ित परिवार को पचास लाख रुपये मुआवजा दिए जाने की मांग की और आईजी, कमिश्नर और डीआईजी को अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा। आईजी जकी अहमद पत्रकारों की बात सुनने के बाद कहा कि मांगे जायज हैं। पूरे मामले की जांच की जा रही है और जो भी दोषी होगा इसके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी। वहीं, विभिन्न संगठनों ने भी आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग का ज्ञापन एसडीएम, डीएम और एडीएम को सौंपा है। बसपा जिलाध्यक्ष सुरेश चंद्र गौतम ने एसडीएम को सौंपे गए ज्ञापन में लिखा है कि पत्रकार की मां को जिंदा जलाने वाले आरोपियों पर रासूका लगाया जाए और मृतका के परिवारीजनों को तीस लाख रुपया मुआवजा दिए जाने की मांग की। इस मौके पर रमेश वर्मा, आरडी पाल, दिनेश वैश्य, विजय कुमार, हफीज भारती, आरपी गौतम, अरविंद कुमार मौर्य, प्रदीप कुमार गौतम आदि मौजूद रहे। वहीं, भाजपा के पूर्व विधायक सुंदरलाल दीक्षित, पूर्व एमएलसी रामनरेश रावत, भाकियू केे प्रांतीय महासचिव मुकेश सिंह आदि ने जिलाधिकारी को सौंपे गए ज्ञापन में मांग की है कि आरोपी पुलिस कर्मियों की तत्काल गिरफ्तारी की जाए। मृतका के परिवारीजनों को तीस लाख रुपये मुआवजा दिए जाने की मांग की है। दूसरी तरफ अधिवक्ताओं ने रितेश मिश्र के नेतृत्व में मुख्यमंत्री का पुतला फूंक विरोध जताया। अधिवक्ताओं ने कहा कि प्रदेश सरकार कानून व्यवस्था कायम रखने में पूरी तरह से नाकाम है। पुलिस कर्मी पूरी तरह से निरंकुश हो गए हैं। आरोपी पुलिस कर्मियों को तत्काल बर्खास्त किया जाए। भारतीय दलित पैंथर के जिलाध्यक्ष रामफल गौतम ने राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन अतिरिक्त मजिस्ट्रेट को सौंप तीस लाख रुपया मुआवजा दिलाने और आरोपियों को बर्खास्त करने की मांग की है। पैंथर बरातीलाल बौद्घ, महादेव प्रसाद, रामगुलाम गौतम, शिवकैलाश गौतम आदि मौजूद रहे। वहीं घटना के विरोध में कांग्रेसियों ने जिला प्रशासन का पुतला फूंक विरोध जताया। प्रदर्शन कर रहे कांग्रेसियों ने कहा कि घटना की जितनी भी निंदा की जाए वह कम है। पुलिस की तानाशाही चरम पर पहुंच गई है। इस मामले में पुलिस अधीक्षक पर भी कार्रवाई हो। इस मौके पर अतीक अहमद, सद्दन, शाकिर अली, सद्दाम रसूल मिर्जा आदि मौजूद रहे। मानवतावादी समाज पार्टी के फूलचंद्र सिंह चौहान आदि ने घटना की निंदा करते हुए आरोपियों पर कार्रवाई करने की मांग की है। बर्खास्त किए जाए आरोपी पुलिसकर्मी कोठी थाने में पुलिस द्वारा जिंदा जलाई गई मृतका के समर्थन में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने विरोध जताते हुए मांगों का ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा है। आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने सौंपे गए ज्ञापन में आरोपी पुलिस कर्मियों को बर्खास्त किए जाने और मृतका के परिवारीजनों को तीस लाख रुपये का मुआवजा दिए जाने की मांग की है। उनका कहना है कि मृतका आंगनबाड़ी कार्यकात्री थी। वहीं, व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष प्रदीप जैन ने कहा कि आरोपी पुलिस कर्मियों को तत्काल गिरफ्तार कर जेल भेजा जाए। वहीं, अन्य व्यापारियों ने भी घटना की तीखी निंदा की है। ब्राह्मण उत्थान महासभा के जिलाध्यक्ष संतोष कुमार तिवारी ने घटना की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए मांगों का ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा है। इस मौके वेदप्रकाश शुक्ल, सुरेंद्र नाथ मिश्र, अशोक कुमार शुक्ल, रुद्र प्रसाद अवस्थी, अनिल तिवारी, सतीश शुक्ल, रमाशंकर बाजपेयी, रामसरन शुक्ल, प्रमोद तिवारी, रजनीश बाजपेयी आदि मौजूद रहे।
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