खनन माफिया एक बार फिर सक्रिय हो गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इसकी सूचना तहसील और जिला प्रशासन के अधिकारियों की दी गई लेकिन कोई भी अधिकारी मौके तक नहीं पहुंचा। इससे खनन करने वालों के हौसले बुलंद हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बिना अधिकारियों के मिलीभगत के खनन नहीं हो सकता है।
राजधानी से सटा इलाका होने के कारण रात में जेसीबी से मिट्टी की खोदाई कर डंफरों से ढोने का काम किया जा रहा है। बड्डूपुर थाना क्षेत्र के ग्राम कथुरीकला निवासी महेश का खेत ग्राम ककरहा मजरे कथुरीकला में स्थित है। ग्रामीणों के मुताबिक करीब चार दिन से महेश के खेत से खनन माफिया द्वारा जेसीबी लगाकर ट्रक्टर-ट्रॉलियों में मिट्टी भरकर रात्रि में ढोई जा रही है।
अवैध खनन के कारण राजस्व के साथ पीडब्लूडी को भी चूना लग रहा है। सूत्रों की मानें तो खनन की शुरुआत होने के पहले ही पुलिस से मामला तय कर लिया जाता है। जितनी ट्रॉली की खोदाई करनी होती है, उसी हिसाब से पुलिस का रेट तय होता है। उसके बाद से बेखौफ अवैध खनन शुरू हो जाता है।
वर्जन-
क्षेत्र में खनन होने की जानकारी नहीं है। अगर रात में खनन किया जाता है तो पुलिस भेज जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
-बृजेश सिंह, एसओ कुर्सी
वर्जन-
मामले की जानकारी नहीं थी। अधिकारियों को मौके पर भेजकर जांच कराई जाएगी। अगर खनन होते पाया जाता है तो ऐसा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
-हरिकेश चौरसिया, अपर जिलाधिकारी