पुलिस के डर से घर छोड़ भाग गए तीन गांव के लोग
गांव की गलियों में पसरा सन्नाटा
स्कूलों में नहीं गए एक भी बच्चे
देवा कोतवाली के सरसौंदी, मुरादाबाद और जरूआ गांव की गलियों में पसरा सन्नाटा, घरों में टूटा बिखरा सामान पुलिस के जुल्म की दास्ता बयां कर रहे थे। मंगलवार सुबह नौ बजे तीनों गांव मेें कुछ ऐसा ही मंजर दिखा। दहशत का आलम यह कि अधिकांश लोग गांव छोड़ कर भाग गए। घरों में ताले लटक रहे हैं। स्कूल में एक भी बच्चा पढ़ने नहीं गया।
देवा कोतवाली के लाकप में 30 अगस्त को सुभाष राजवंशी की पुलिस हिरासत में मौत हो गई थी। पुलिस ने मृतक के शव का चुपके से पोस्टमार्टम करवाने के बाद लखनऊ में उसका जबरन अंतिम संस्कार करवा दिया।
मृतक सुभाष का देवा कोतवाली के सरसौंदी गांव में ननिहाल था और ननिहाल के लोग पुलिस द्वारा शव का जबरन अंतिम संस्कार कराने को लेकर भड़क उठे। इसके बाद सैकड़ों ग्रामीणों में शामिल पुरुष व महिलाओं ने सोमवार को माती पुलिस चौकी को आग के हवाले कर दिया था।
इस घटना मेें चार सिपाही भी घायल हुए। जिसके बाद पुलिस ने क्षेत्र के सरसौंदी, मुरादाबाद, जरूवा, रेंदुआ पल्हरी आदि गांवों में जमकर उत्पात मचाते हुए घरों में लूटपाट व कीमती सामान तोड़ डाला था। इसी के बाद से अब इन गांवों में सन्नाटा छाया हुआ है।
गांव के घरों में ताला बंद कर भाग गए लोग
देवा पुलिस के डर से क्षेत्र के सरसौंदी, मुरादाबाद व जरूवा गांव मेें मंगलवार को पूरी तरह से सन्नाटा पसरा मिला। यहां पर मिले सुशील यादव, मोहम्मद सगीर ने बताया कि भईया पुलिस वाले हम लोगन का जीना मुहाल कर दीहिन है। कहा कि गांव के सभी लोग अपने अपने घरों में ताला बंद कर रिश्तेदारी या कहीं दूसरे स्थान के लिए पलायन कर गए है।
बताया कि पुलिस वालों ने कई घरों में इस तरह से उत्पात मचाया है कि घर मेें रखा राशन तक फेंक दिया है। कहा हम लोग अपने अपने घरों में ताला बंद किए है गांव के बाहर खेतों में ही गुजर बसर करने को मजबूर है।
स्कूल में नहीं पहुंचे बच्चे
सरसौंदी गांव के बाहर बने प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालय पहुंचकर अमर उजाला प्रतिनिधि ने जब वहां का हाल जाना तो यहां एक स्कूल में एक भी बच्चा मौजूद नहीं था। स्कूल के प्रधानाचार्य सावित्री जायसवाल व साफिया खातून ने बताया कि यहां पर प्राइमरी में 232 व उच्च प्राथमिक विद्यालय में 135 बच्चे हैं।
मंगलवार काो यहां पर एक भी बच्चा स्कूल नहीं पहुंचा था। शिक्षकों ने कहा कि गांव में सोमवार को पुलिस ने बहुत हंगामा किया था जिसके चलते गांव के सभी लोग परिवार समेत कहीं चले गए है यही कारण है कि आज स्कूल में कोई भी छात्र पढ़ाई के लिए नहीं पहुंचा है।
जो जहां मिला तोड़ दिया
माती पुलिस चौकी में हुई आगजनी के बाद पुलिस ने सबसे ज्यादा कहर सरसौंदी गांव के लोगों पर बरपाया है। यहां के रहने वाले पूर्व प्रधान कंधई रावत, कमलेश वर्मा, घनश्याम वर्मा, सर्वेश वर्मा समेत कई अन्य लोगों के घरों में घुसकर पुलिस ने जहां दरवाजे तोड़ डाले वहीं कोई भी सामान सुरक्षित नहीं छोड़ा है।
सरसौंदी के ही छंगा रावत की सफारी कार को पुलिस ने तोड़कर चकनाचूर कर दिया। इसी तरह जरूई गांव के रहने वाले रिंकू वर्मा जो पुलिस चौकी में आगजनी के मुख्य आरोपी बताए जा रहे हैं के घर में भी पुलिस ने तीन बाइकें, गृहस्थी का सामान आदि तोड़ डाला व घर के दरवाजे भी तोड़े।
पुलिस ने इन गांवों से राजेश, अजय, राकेश, सर्वेश वर्मा आदि को गिरफ्तार भी किया है। रिंकू के घर से नकदी व जेवर लूटने की बात भी बताई गई है वहीं रामदुलारे के घर से भी पुलिस सोने चांदी के जेवरात व नकदी उठा ले गई है।
चारे को तरस गए मवेशी
सरसौंदी व जरूवा गांव से ज्यादातर लोग पुलिस के डर से घर बंदकर भाग निकले है। अब यहां पर घरों के बाहर बंधे मवेशी भी भूखे रहने को मजबूर है। मंगलवार को जब इन गांवों के हालत देखा गया तो वहां मिले शिवराम, कमलेश, रामसुचित आदि ने कहा कि पुलिस के खौफ से यह सब न तो घर का काम कर पा रहे है और न ही मवेशियों की देखरेख। कहा यहां पर ज्यादातर मवेशियों के चारे का संकट है और मवेशी भूखे ही रह रहे है।
किसी भी बाइक को देखकर भागने लगते लोग
सरसौंदी, मुरादाबाद, जरूवा आदि गांवों में इक्का दुक्का युवक मंगलवार को घूमते दिखे पर जैसे ही गांव में संवाददाता की बाइक घुसी यह युवक खेतों की ओर भागने लगे। काफी समझाने के बाद जब यह युवक वापस लौटे तो पास न आकर दूर से ही बात की। इन सभी का कहना है कि यहां सादी वर्दी में पुलिस कर्मी घूम रहे है जिससे वह लोग गांव मेें नहीं रुकते है। यहां पर पुलिस का ऐसा खौफ है कि हर किसी को लोग पुलिस समझकर भागने लगते है।
गांव की गलियों में पसरा सन्नाटा
हर रोज बच्चों की किलकिलाहट व महिलाओं की चहलकदमी से गुलजार रहे वाली सरसौंदी गांव की गलियां इस समय सूनी ही पड़ी है। यहां पर हर घर में ताला बंद है और सिर्फ सन्नाटा ही पसरा हुआ है। गांव के लोग खेतों में जरूर दिखते है पर गांव के अंदर इक्का दुक्का लोगों के अलावा कोई भी नहीं दिखाई दे रहा है।
बाजार भी रहे बंद
माती मेें हुए बवाल के बाद यहां के बाजार भी सन्नाटे में है। मंगलवार को यहां पर एक सुबह दस बजे तक एक भी दुकान नहीं खोली गई थी। यहां मिले व्यापारियों ने बताया कि हम लोगों ने खुद ही बाजार बंद की थी। कहा अब पुलिस के आला अफसरों से बात की गई है जिस पर बाजार खोलने की बात कही गई है। उसके बाद व्यापारी दुकानें खोलने की तैयारी में तो दिखे, लेकिन ज्यादातर व्यापारियों ने अपनी दुकानें बंद ही रखी है।
माती पुलिस चौकी की हुई मरम्मत
ग्रामीणों द्वारा तोड़फोड़ व फूंकी गई माती पुलिस चौकी की पुलिस ने मरम्मत करवा दी है। मंगलवार को यहां नई टीनशेड बिछाने के साथ ही आगंतुक कक्ष व सिपाहियों के आवासों के मरम्मत का कार्य जारी था।। वहीं पुलिस चौकी में भारी पुलिस व पीएसी बल की तैनाती की गई है।
जारी आरोपियों की धरपकड़
माती पुलिस चौकी में तोड़फोड़ व आगजनी करने के मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए धरपकड़ जारी है। पुलिस ने किसी का भी नुकसान नहीं किया है। जो लोग मुख्य आरोपी है सिर्फ उनसे सख्ती से निपटा जा रहा है।
- मनोज पंत, कोतवाली प्रभारी देवा