अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अनुपमा गोपाल निगम ने हत्या कर साक्ष्य छिपाने के मामले में चार आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही कोर्ट ने सभी आरोपियों पर 20-20 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है।
सहायक शासकीय अधिवक्ता महेंद्र प्रताप यादव ने बताया कि टिकैतनगर थाना क्षेत्र के ग्राम चंदौली निवासी कल्लू वर्मा का भाई राकेश वर्मा मवेशी खरीदने व बेचने का कार्य करता था। कुछ दिन पहले राकेश ने बक्सूपुर से एक बछड़ा खरीदा था और 22 अक्टूबर 2013 को राकेश का पुत्र आशीष उसे लेकर घर जा रहा था। तभी रास्ते में जटहा के पास खैरन तकिया निवासी दिनेश यादव ने डरा धमका कर उससे बछड़ा छीन लिया और आशीष को भगा दिया।
25 अक्टूबर को राकेश यादव, गुड्डू के साथ वीरापुर गया था। वहां पर दिनेश यादव ने अपने साथियों चकंबरपुर के अमरेश पासी, बक्सूपुर के अर्जुन पासी व जटहा निवासी भगवान लोध के साथ मिलकर राकेश की हत्या कर दी और शव जटहा प्राइमरी स्कूल के किचन के बरामदे में छिपा दिया। इस मामले की रिपोर्ट मृतक के भाई कल्लू ने थाना दरियाबाद में दर्ज कराई। गवाहों के बयान और दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश ने चारों आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही कोर्ट ने सभी आरोपियों पर 20-20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।