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लॉकप के बंदियों व वकीलों में पथराव, कचहरी में अफरातफरी

Tue, 08 May 2018 11:16 PM IST
Amarujala Bureau
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केस दर्ज किया गया - फोटो : अमर उजाला
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बंदियों को सैर कराने व अदालत परिसर में घुमाने के आरोपों के बीच मंगलवार को कचहरी परिसर में वकीलों व बंदियों के बीच जमकर पत्थरबाजी हुई। वकीलों का आरोप है कि बंदियों ने पुलिस कर्मियों की शह पर यह काम किया है। मामला बढ़ता देख पहुंचे सीओ सिटी ने वकीलों को शांत कराया व लॉकअप प्रभारी समेत सभी पुलिस कर्मियों को हटाने की बात कही है। वहीं जिला बार प्रतिनिधि मंडल ने जिला जज से मिलकर दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई किए जाने की मांग की। घटना के बाद सीओ ने यहां पर तैनात प्रभारी समेत दोनों सिपाहियों को हटा दिया।  

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आए दिन बंदियों को कचहरी परिसर में घुमाने व सुविधा शुल्क लेकर सुविधा देने को लेकर अधिवक्ता नीलू यादव ने बीते 26 अप्रैल को एसपी व डीजीपी को पत्र भेजकर लॉकअप में तैनात पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। इसकी जांच सीओ सिटी सुशील सिंह को सौंपी गई थी। लेकिन बाद में अधिवक्ता पर दबाव पड़ने पर उसने मामला वापस ले लिया था। इस बीच मंगलवार की शाम कचहरी के लॉकअप प्रभारी दीपेंद्र मिश्रा ने अधिवक्ता नीलू को मिलने के लिए बुलाया था। लॉकप के अंदर वकील के पहुंचने पर वहां कुछ बंदियों ने वकीलों को गाली देने शुरू कर दी। इसके बाद अधिवक्ता नीलू बाहर आ गए तो लॉकअप के अंदर से बंदियों ने पथराव शुरू कर दिया।

इसके जवाब में  वकीलों ने भी बाहर से पत्थर फेंके। इस विवाद के चलते जहां वकीलों की भीड़ लगी रही वहीं कचहरी परिसर में अफरातफरी का माहौल रहा। इस बीच मामला बढ़ते देख पहुंचे सीओ सिटी सुशील कुुमार सिंह, कोतवाल राजकुमार पांडेय, जिला बार अध्यक्ष हरीश अग्निहोत्री व महामंत्री हिसालबारी किदवई ने पुलिस अधिकारियों से वार्ता कर पूरी जानकारी दी। जिलाबार का एक प्रतिनिधि मंडल जिला जज हसनैन कुरैशी से भी मिला। वहीं सीजेएम संजय यादव ने भी मौके पर जाकर जांच की। सीओ के लॉकप में तैनात सभी पुलिस कर्मियों को हटाने के आश्वासन के बाद वकील शांत हुए। सीओ ने बताया लॉकअप प्रभारी समेत दो सिपाहियों को वहां से हटा दिया गया है। 

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