क्षेत्र के आर्यावर्त बैंक खाते से रुपया निकालने के लिए तीन दिन से चक्कर काट रहे एक अधेड़ की उपचार के अभाव में मौत हो गई। हालत गंभीर होने पर परिवारीजन जब तक मरीज को लेकर सीएचसी पहुंचते, तब तक देर हो चुकी थी।
लोनीकटरा के साहेबगंज निवासी रामप्रताप (50) बीते एक सप्ताह से बुखार से पीड़ित होकर भिलवल में निजी चिकित्सकों से इलाज करा रहे थे। रुपया नहीं होने पर इलाज बंद हो गया। इस बीच रामप्रताप आर्यावर्त ग्रामीण बैंक शाखा शदरुद्दीनपुर के खाते में जमा 12 हजार रुपया निकालने का प्रयास कर रहे थे। मृतक की पत्नी रामरती ने बताया कि बीते तीन दिन से पुत्र कृष्ण कुमार के साथ बैंक जाकर पूरे दिन इंतजार करते थे।
रुपया नहीं मिलने पर अगले दिन उम्मीद से रुपया निकालने के लिए फिर चले जाते थे। रविवार को बैंक जाते समय बीमारी के चलते हालत बिगड़ने पर एंबुलेस से सीएचसी त्रिवेदीगंज लाया गया। जहां से गंभीर अवस्था में इलाज के लिए हैदगरढ़ सीएचसी भेज दिया गया। सीएचसी हैदरगढ़ से रेफर कर जिला चिकित्सालय भेजे जाने की तैयारी की जा रही थी।
इसी बीच सीएचसी में रामप्रताप की मौत हो गई है। मृतक की पत्नी ने कहा कि बैंक से रुपया नहीं मिलने पर इलाज बंद हो गया था। उन्होंने कर्मचारियों की लापरवाही से रुपया नहीं निकलने पर मौत होने का आरोप लगाया है। बैंक के शाखा प्रबंधक अकबाल बहादुर ने कहा कि भारी भीड़ के चलते बैंक के अंदर तक नहीं पहुंच सके होंगे। मामला इनकी जानकारी में नहीं है।
लोनीकटरा के साहेबगंज में रामप्रताप की मौत का मामला संज्ञान में नहीं है। यदि इस मामले में कोई शिकायत मिलती है तो उसकी जांच कराकर जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।-अजय यादव, जिलाधिकारी