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भड़का जनाक्रोश, खाकी पर कहर बनकर टूटा

Mon, 31 Aug 2015 11:36 PM IST
बाराबंकी/अमर उजाला ब्यूरो
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पुलिस पिटाई से देवा कोतवाली में चोरी के आरोपी सुभाष राजवंशी की मौत के बाद सोमवार को ग्रामीणों का आक्रोश भड़का और खाकी पर कहर बनकर टूट पड़ा। पलभर में माती पुलिस चौकी तहस-नहस हो गई। जिले की कानून व्यवस्था की हालत बद से बदतर हो चुकी है। माती पुलिस चौकी में हुई आगजनी की घटना पुलिस की लापरवाही का ही कारण माना जा रहा है। पुलिस चौकी में हुई आगजनी में जहां जरूरी सामान जल गए हैं। वहीं, सारे दस्तावेज भी खाक हो चुके है। पुलिस चौकी में आगजनी करने वाले उपद्रवियों को चिह्नित कर उन्हें पकड़ने का प्रयास भी पुलिस ने शुरू का कर दिया है। मौके से दो ग्रामीणों को पकड़ा गया है।
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चौकी पर मौजूद सिपाहियों की जुबानी
माती पुलिस चौकी में मौजूद राजेंद्र बिष्ट व पारसनाथ मिश्रा ने बताया कि सोमवार को करीब 11 से 11.30 के बीच में चौकी पर बैठे थे। तभी लाठी-डंडों से लैस महिलाओं व पुरुषों की भीड़ अचानक चौकी के अंदर आ घुसी और अंदर आते ही पुलिस चौकी में तोड़फोड़ व आगजनी करने के साथ पुलिस कर्मियों की पिटाई शुरू कर दिया।

 इसके बाद भीड़ ने पुलिस कर्मियों के बैरकों में घुसकर सामान तोड़ा और आगजनी की। चार बाइकों को फूंक दिया। चौकी के पीछे खड़ी चौकी प्रभारी की कार तोड़ डाली, सारे फर्नीचर तोड़ डाले, आगंतुक कक्ष तोड़कर आग लगा दी। करीब आधे घंटे तक आक्रोशित भीड़ ने देवा-चिनहट मार्ग जाम कर जमकर उत्पात मचाया इसके बाद सीओ सिटी व कोतवाली प्रभारी मनोज पंत के आने पर भीड़ भागी।
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पुलिस की लापरवाही से भड़का आक्रोश
पुलिस पिटाई से युवक की मौत को आत्महत्या बताने और शव को न सौंपना ही लोगों में आक्रोश भड़कने का मुख्य कारण माना जा रहा है। पुलिस ने यदि इस मामले में सही तरीके से काम किया होता और घटना में जो भी दोषी था उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होती तो माती पुलिस चौकी मेें इतनी बड़ी वारदात कभी न हो पाती।

बताया जा रहा है कि मृतक के सरसौंदी निवासी मामा के परिवार के लोग चाहते थे कि उसके शव का अंतिम संस्कार लखनऊ में नहीं यहां ही हो, लेकिन पुलिस ने जबरन मृतक का शव लखनऊ पहुंचाकर अंतिम संस्कार करवा दिया।

दो घंटे तक लापता रहा सिपाही
माती पुलिस चौकी में हुए बवाल में घायल सिपाही प्रदीप यादव अचानक कहीं लापता हो गया था। मौके पर पहुंचे आला अधिकारियों को जब पता लगा कि सिपाही गायब है तो उनके होश उड़ गए। इसके बाद काफी देर तक सिपाही की तलाश की जाती रही पर उसका पता नहीं लग सका।

करीब दो घंटे बाद सिपाही प्रदीप मिला तो उसने बताया कि वह अपनी जान बचाने के लिए खेतों में छुप गया था। इसके बाद पुलिस अधिकारियों ने राहत की सांस ली।

झाड़ियों में ले जाकर फूंक दी बाइक, फेंका सामान
उपद्रवियों ने यहां पर चार बाइकों को आग के हवाले किया। एक बाइक चौकी के अंदर, एक बाहर, एक पीछे व एक बाइक को झाड़ियों में ले जाकर आग के हवाले कर दिया। पुलिस ने जब खोजबीन शुरू की तो झाड़ियों में जलती हुई बाइक मिली। यही नहीं कई अन्य सामान भी काफी दूर तक बिखरे हुए पड़े मिले है।

जल गए चौकी पर रखे महत्वपूर्ण दस्तावेज
माती पुलिस चौकी में हुई आगजनी में यहां पर रखे कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, विवेचना के कागजात, अपराधियों के ब्योरा की फाइल समेत कई अन्य कागजात भी आग के हवाले हो गए।पंचायत चुनाव की तैयारियों के लिए पुलिस जो रजिस्टर बनाए थे वह भी जल गए है। अब पंचायत चुनाव में भी पुलिस को दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा।

इन आरोपियों की पुलिस को तलाश
माती पुलिस चौकी मेें हुए अग्निकांड व उपद्रव के मामले में मुरादाबाद गांव निवासी रिंकू वर्मा को पुलिस मुख्य आरोपी मान रही है। वहीं सरसौंदी के ग्राम प्रधान कमलेश वर्मा, चंद्रिका रावत, कमलेश रावत समेत करीब आठ लोगों को पुलिस मुख्य आरोपी मान रही है।

 वहीं यहां पर उपद्रव के मामले में सरसौंदी, माती, रेंदुआ व मुरादाबाद के लोगों के होने की बात पुलिस द्वारा बताई जा रही है पुलिस अब मामले के सभी आरोपियों की पड़ताल करने में लगी हुई है।

डेढ़ घंटे बाद मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड
माती चौकी में हो रही आगजनी की घटना की जानकारी होने के बाद भी करीब डेढ़ घंटे बाद मौके पर फायर ब्रिगेड की टीम पहुंच सकी। यहां पर जब तक फायर कर्मी पहुंचते तब चौकी का पूरा सामान व जलाए गए वाहन जलकर खाक हो चुके थे। पुलिस अफसरों के सामने ही उनकी चौकी जलती रही और वह कुछ नहीं कर सके।

महिलाओं ने देवा-चिनहट मार्ग पर दोनों तरफ लगा दिया था जाम
माती पुलिस चौकी में हुए बवाल के दौरान भीड़ में शामिल लाठी डंडो लैस महिलाओं ने देवा-चिनहट मार्ग पर दोनों ओर यातायात रोक कर जाम लगा दिया था।

 जितनी देर लोगों ने चौकी में आगजनी व तोडफ़ोड़ किया उतनी देर यह महिलाएं चिनहट मार्ग पर लाठी, डंडा लेकर खड़ी रही और किसी को जाने तक नहीं दिया। इस दौरान हर किसी में पुलिस के प्रति काफी गुस्सा व आक्रोश दिखा।
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