सरकार ने घाघरा व गोमती नदी के किसानों की जमीन पर बालू की जमी परत को हटाकर कृषि योग्य भूमि बनाने के लिए बालू खनन के पट्टे देने की नई नीति बनाई। मगर, इसका फायदा देवखरिया के किसानों की बजाय खनन माफिया उठा रहे हैं। माफिया नियमों को दरकिनार कर किसानों के पट्टे की जमीन पर पोकलैंड मशीन से बालू खनन कर रहे हैं।
माफिया की पैरवी पर किसान के नाम दिया पट्टा
अपनी जमीन पर बालू खनन के पट्टे के लिए विभाग के चक्कर काट रहे किसानों की माने तो किसानों की आड़ में जिम्मेदार अधिकारियों ने खनन माफिया को पट्टे दिए हैं। यही कारण है कि पट्टा लेने के लिए दर्जनों किसानों ने आवेदन किया मगर चुनिंदा किसानों को खनन माफिया की पैरवी करने के बाद पट्टे दिए गए हैं।
अभी तक देवखरिया में दो किसानों को बालू खनन के पट्टे दिए गए हैं। इसी सप्ताह अन्य किसानों को भी पट्टे देने पर विचार किया जा रहा है। किसानों को दिए गए पट्टे पर हाथ से बालू का खनन करने का नियम है। मशीनों से खनन करने को लेकर कोई आदेश नहीं दिया गया है। मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।