मसौली पुलिस ने अवैध रूप से संचालित असलहा फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने दो आरोपियों को पकड़कर उनके पास से एक बंदूक समेत 18 असलहे व भारी संख्या में असलहा बनाने के उपकरण बरामद किए है। पकड़े गए आरोपियों में एक गोंडा निवासी है। इस गिरोह में और कितने लोग शामिल है पुलिस इसका पता लगा रही है। दोनों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर उन्हें कोर्ट में पेश किया गया जहां से वह जेल भेजे गए है। एसपी ने पुलिस टीम को दस हजार रुपये का पुरस्कार दिया है।
एसपी डॉ सतीश कुमार ने बृहस्पतिवार को पुलिस लाइन सभागार में पत्रकार वार्ता में बताया कि मसौली पुलिस ने क्षेत्र के डडियामऊ जंगल में बुधवार की रात छापेमारी कर अवैध असलहा बनाने की फैक्ट्री पकड़ी। यहां पर पकड़े गए आरोपी विक्रम यादव निवासी ग्राम रंकसड़िया मांझा थाना परसपुर जनपद गोण्डा व रामनगीना यादव निवासी ग्राम रजपलिया मजरे नहामऊ थाना मसौली की निशानीदेही पर झाड़ियों में तलाशी ली तो 12 बोर के 10 अवैध तमंचे के अलावा 315 बोर के सात तमंचे ,12 बोर की एक बंदूक बरामद की व असलहा बनाने के उपकरण समेत 2150 रूपये की नगदी बरामद हुई। एसपी ने बताया कि असलहा निर्माण के बाद इनको बाराबंकी सहित आसपास के जिलों में अपराधियों को सप्लाई किये जाते है। पुलिस इस गिरोह व इनके द्वारा बेंचे गए असलहों को खरीददने वाले लोगों का पता कर रही है।
एएसपी दिगंबर कुशवाहा ने बताया कि अवैध असलहा बनाने के जुर्म में पकड़े गये दोनों आरोपी शातिर अपराधी है। वर्ष 2004 में गोंडा जिले के परसपुर थाने की छापेमारी के दौरान विक्रम यादव ने उपनिरीक्षक शेषनरायन यादव पर फायर कर दिया था। इसके अलावा वर्ष 2006 में जानलेवा हमले के आलावा असलहा निर्माण में जेल जा चुका है। रामनगीना यादव का भी आपराधिक इतिहास है जो वर्ष 1987 में हत्या के मामले में जेल जा चुका है तथा तीन बार असलहा निर्माण में जेल गया है। रामनगीना मूलरूप से देवरिया जनपद का निवासी है।