हैदरगढ़ कोतवाली क्षेत्र के संसारा गांव में बीते 31 अक्टूबर की रात हुई पूर्व प्रधान शिवप्रताप सिंह की हत्या का पुलिस ने खुलासा करने का दावा किया है। पुलिस ने इस मामले में मृतक के सगे पोता व उसके साथी जगदीशपुर अमेठी के ब्लाक प्रमुख के ड्राइवर को गिरफ्तार कर उनके पास से हत्या में प्रयुक्त कुल्हाड़ी व मोबाइल फोन बरामद किया है। बताया जाता है कि पोते ने संपत्ति के लालच में आकर अपने बाबा की हत्या की है। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर बृहस्पतिवार को उन्हें कोर्ट में पेश किया जहां से वह जेल भेजे गए है।
एसपी राजू बाबू सिंह ने बृहस्पतिवार को पुलिस लाइन में बताया कि हैदरगढ़ कोतवाली क्षेत्र के संसारा गांव के शिवप्रताप सिंह की 31 अक्टूबर को किसी धारदार हथियार से हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने इस मामले का खुलासा करते हुए आरोपी के सगे पोते अजीत सिंह पुत्र उदरवीर सिंह व उसके साथी अजय यादव उर्फ छंगू पुत्र जंगबहादुर यादव निवासी जगदीशपुर अमेठी को पकड़कर उनके पास से हत्या में प्रयुक्त की गई कुल्हाड़ी व दो मोबाइल फोन बरामद किया है। इन दोनों को पुलिस ने बुधवार की रात हैदरगढ़ इलाके में सतरही मोड़ से गिरफ्तार करने का दावा किया है।
पोते ने साथी संग मिलकर रची वारदात की साजिश
मृतक के पोते अजीत सिंह ने पुलिस पूछताछ में बताया कि उसके बाबा शिवप्रताप के नाम काफी जमीन थी लेकिन उन्होेंने अजीत के पिता व चाचा को बोने के लिए पांच-पांच बीघा जमीन दे रखी थी। जबकि एक बेटे को शिवप्रताप ज्यादा जमीन दिए थे। इस बीच यहां से पूर्वांचल एक्सप्रेस निकलने के चलते इनकी जमीन का करीब एक करोड़ रुपये मुआवजा मिलना था।
लेकिन बाबा के जिंदा रहते अजीत व उनके पिता को मुआवजा का ज्यादा पैसा न मिल पाता। इसी के चलते अजीत ने अपने साथी जगदीशपुर ब्लॉक प्रमुख राजेश विक्रम सिंह के ड्राइवर अजय यादव के साथ मिलकर बाबा की हत्या करने की साजिश रची। इसके लिए अजीत ने अजय यादव को पांच हजार रुपये नकद दिए व तीस हजार रुपये और देने की बात कही थी।