संतान सुख के नाम पर महिलाओं का यौन शोषण करने वाले बाबा रामशंकर तिवारी उर्फ परमानंद व उसके शिष्यों के खिलाफ पुलिस द्वारा गैंगस्टर लगाने की तैयारी की जा रही है। इसके साथ ही बाबा के करीबी व खास लोगों पर भी पुलिस की पैनी नजर है और जल्द ही पुलिस इन लोगोें से पूछताछ भी कर सकती है। वहीं बाबा से पूछताछ के लिए रिमांड पर लेने के लिए पुलिस ने बृहस्पतिवार को कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया है जहां शुक्रवार को सुनवाई की तिथि तय की गई है।
देवा कोतवाली क्षेत्र के हर्रई गांव निवासी बाबा परमानंद की मुश्किलें बढ़ती ही जा रही है। बाबा को पुलिस ने भले ही गिरफ्तार कर जेल में डाल दिया हो लेकिन अब पुलिस की नजर बाबा के परिवारीजनोें व अन्य खास लोगोें पर भी है।
हालांकि पुलिस द्वारा अभी इस बाबत जांच पड़ताल ही की जा रही है लेकिन यदि पुलिस की जांच मेें किसी का नाम सामने आता है तो उस पर भी शिकंजा कसना तय माना जा रहा है। बाबा परमानंद को रिमांड पर लेने के लिए पुलिस ने बृहस्पतिवार को एसीजेएम सुरजन सिंह की अदालत में प्रार्थना पत्र दिया है।
जहां पर कोर्ट ने इस मामले में सुनवाई के लिए शुक्रवार को तिथि तय किया है। कोर्ट ने यदि बाबा का रिमांड मंजूर कर लिया तो बाबा से पूछताछ कर पुलिस कई अहम राज सामने ला सकती है।
जेल में बंद बाबा परमानंद व उसके शिष्य अरविंद पर पुलिस द्वारा गैंगस्टर लगाने की तैयारी की जा रही है। बाबा को जल्द राहत न मिल सके पुलिस इसलिए यह कदम उठा रही है। बाबा के खिलाफ दर्ज करीब एक दर्जन संगीन आपराधिक मामलों को देखते हुए पुलिस अब हर तरह की कार्रवाई बाबा के खिलाफ करने का प्रयास कर रही है। पुलिस अधिकारियों की माने तो जल्द ही बाबा व उसके चेले के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी।
जेल में बंद बाबा परमानंद कैदियों व बंदियों से काफी डरा-सहमा है। बाबा द्वारा जेल अधीक्षक से खुद को अलग बैरक में रखने व सुरक्षा की मांग की गई है। जेल की बैरक नंबर 13 बी में बंद बाबा से जेल का हर बंदी मिलना चाह रहा है बाबा जिस बैरक में बंद है वहां कैदियों ने बाबा को घेर लिया।
हालांकि इस दौरान पहुंचे जेलकर्मियों ने मामला संभाल लिया। जेल अधीक्षक आलोक सिंह का कहना है कि जेल में बाबा की सुरक्षा का पूरा ख्याल रखा जा रहा है। कहा कि अभी बाबा को अलग बैरक में रखने जैसी कोई बात नहीं है।