कलेक्ट्रेट भवन निर्माण की घटिया सामग्री का प्रयोग किया जा रहा है। एडीएम के विरोध जताने के बावजूद ठेकेदार और जेई की मनमानी जारी है। जिसकी रिपोर्ट शनिवार को एडीएम ने डीएम सेे कर दी है।
एडीएम की रिपोर्ट के बाद जिलाधिकारी ने निर्माण कार्य में लगे ठेकेदार को तत्काल प्रभाव से हटाते हुए जेई को निलंबित किए जाने की संस्तुति करते हुए शासन को पत्र लिखा है। कलेक्ट्रेट भवन का निर्माण 10 करोड़ 61 लाख रुपये से कराया जा रहा है।
निर्माण कार्य कार्यदाई संस्था यूपीपीसीएल करा रहा है। निर्माण का कार्य वर्ष 2008 में शुरू हुआ था और अभी तक चल रहा है। इसमें से 10 करोड़ 3 लाख रुपये का भुगतान हो चुका है। भवन निर्माण में घटिया सामग्री का प्रयोग किए जाने और मनमाने तरीके से कार्य कराए जाने की शिकायत पर अपर जिलाधिकारी ने इसकी मानीटरिंग शुरू कर दी।
एडीएम ने पाया कि वाकई निर्माण कार्य मनमाने तरीके से कराया जा रहा है और जो कार्य मानक के अनुसार कराए जाने चाहिए उस हिसाब से नहीं कराए जा रहे हैं। शिकायत पर शनिवार को अपर जिलाधिकारी अभिलेखागार का निरीक्षण करने पहुंचे तो पाया कि जो दरारें आ गई हैं उन्हें सही करने के बजाए उनमें मसाला भरकर औपचारिकता निभाई जा रही है।
एडीएम ने पूरी बात जिलाधिकारी को बताई जिस पर डीएम ने निर्माण कार्य कराने वाले ठेकेदार को हटा दिया है तथा जेई रविन्द्र कुमार के खिलाफ निलंबन की संस्तुति करते हुए एई को भी चेतावनी जारी की है।
कलेक्ट्रेट भवन का कार्य मानक के अनुसार नहीं कराया जा रहा है इसका खुलासा कई बार निरीक्षण के दौरान भी हो चुका है। ठेकेदार और विभागीय जेई और एई पूरी मनमानी कर रहे थे। जिस पर पूरे मामले से जिलाधिकारी को अवगत कराया गया।
डीएम ने ठेकेदार को तत्काल प्रभाव से हटा दिया है तथा जेई के खिलाफ निलंबन की संस्तुति करते हुए शासन को पत्र लिखा है और एई को चेतावनी जारी की गई है। -हरिकेश चौरसिया, एडीएम