जानलेवा हमले के एक मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने पिता पुत्रों समेत आठ लोगों को दस साल की कैद व 45 सौ रुपये प्रति आरोपी पर भुगतने का आदेश दिया है। सहायक शासकीय अधिवक्ता मथुरा प्रसाद वर्मा ने बताया कि थाना सतरिख के ग्राम बरगदही निवासी रामधन के पिता राजेंद्र से गांव के ही राम विलास से बाग की जमीन पर कब्जे को लेकर रंजिश चली आ रही थी।
इसी रंजिश के चलते 12 दिसंबर 2004 को दोपहर बाद राम विलास, कैलाश, कमलेश, राजेंद्र पुत्रगण हजारी व गणेश, आशाराम पुत्रगण हरिनाम व राम अवतार हाथों में तमंचा, काता, लाठी-डंडा लेकर आ धमके और रामधन पर जानलेवा हमला कर दिया। शोर पर बचाने दौडे राजेंद्र, मैकू लाल, राकेश, राज कुमार पर मुल्जिमानों ने तमंचे से फायर किया व लाठी-डंडों से पिटाई की।
घटना कि रिपोर्ट रामधन ने थाना सतरिख में दर्ज कराया। घायलों समेत गवाहों के बयान व दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सत्यदेव गुप्ता ने सभी आरोपियों पर जानलेवा हमले का आरोप सही पाते हुए 10-10 साल की सजा व 45-45 सौ रुपये अर्थदंड भुगतने की सजा सुनाई है।