पुलिस और बदमाशों के बीच बुधवार की देररात हुई मुठभेड़ में घायल अपराधी का इलाज जिला अस्पताल में चल रहा था। शक्रवार को अपराधी को ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया था। जिससे परिवारीजनों ने यहीं पर इलाज कराने की बात को लेकर अड़ गए। पुलिस वाले जबरन ले जाने लगे तो अपराधी के घरवालों ने हंगामा करना शुरु कर दिया। बाद में घायल के साथ चार लोग रहने की बात पर परिवार राजी हुआ।
मालूम हो कि दरियाबाद थाना क्षेत्र में हुई मुठभेड़ में अपराधी आकाश यादव पैर में गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हुआ था। जिला अस्पताल में भर्ती अपराधी की शु्क्रवार को ड्रेसिंग करने के बाद डॉ. एसबी सिंह ने उसे रेफर कर दिया। दोहपर को वार्ड में पहुंची पुलिस ने उसे ट्रामा सेंटर ले जाने को कहा जिस पर उसके घरवाले पुलिस की कोई चाल होने की बात समझ भड़क गए। पुलिस ने अपराधी के साथ उसकी मां सुभद्रा, बहन रेखा, भाई राज बक्श, बहनोई राजकुमार को लेकर ट्रॉमा सेंटर चली गई।
कांट्रेक्टर किलर है अपराधी
अपर पुलिस अधीक्षक शशिकांत तिवारी का कहना है कि जिसे ट्रॉमा सेंटर ले जाने पर घरवाले हंगामा करते हैं, नेता उसे बचाने के लिए दबाव बना रहे हैं वह कांट्रेक्टर किलर हैं। उन्होंने बताया कि दो साल पूर्व गोंडा जिले में राहुल सिंह जिला पंचायत सदस्य के पिता की हत्या में इसी अपराधी को पकड़ा गया था। पूर्व की सरकार होने के कारण उस पर कोई कार्रवाई किए बिना ही छोड़ दिया गया था। आरोपी को ट्रॉमा सेंटर भेज दिया गया।