पूर्व गृहमंत्री व वरिष्ठ कांग्रेस नेता रामकृष्ण द्विवेदी ने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं रह गई है। हिरासत में लिए गए युवक की पुलिस लाकप में मौत हो जाती है और पुलिस इसे आत्महत्या करार दे रही है। यहां तक परिवारीजनों को शव तक नहीं दिया गया और पुलिस ने जबरिया शव ले जाकर भैंसाकुंड पर जलवा दिया।
पूर्व कैबिनेट मंत्री मंगलवार को सांसद पीएल पुनिया के ओबरी स्थित आवास पर पत्रकारों से बात कर रहे थे।
पूर्व कैबिनेट मंत्री ने कहा कि प्रदेश में अराजकता का माहौल है।
आम आदमी सुरक्षित नहीं है। चोरी, लूट, हत्या, बलात्कार की घटनाएं आम हो गई हैं। लोगों की रक्षा करने वाली पुलिस भक्षक बन गई है। कहा कि युवक सुभाष को लाकअप में इतना मारा गया कि वह मर गया।
इसके बाद उसे आत्म्हत्या करार दिया गया। इस मामले की उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए और मृतक के परिवारीजनों को कम से कम 20 लाख रुपया मुआवजा दिया जाए। इस मौके पर जिलाध्यक्ष अमरनाथ मिश्रा, पूर्व सांसद एपी गौतम, सरजू शर्मा, प्रदेश सचिव दीपक सिंह रैकवार, इरफान कुरैशी, विजयपाल गौतम, केसी श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।