धारूपुर में पटाखा फैक्टरी में हुए विस्फोट के चौथे दिन भी हालात सामान्य नहीं हुए। भले ही अब गांव मे धमाकों की आवाज न आ रही हो लेकिन धुंआ उठना निरंतर जारी है। घटना के बाद अवैध तरीके से पटाखा बना रहे एक भी कारोबारी को पुलिस गिरफ्तार नहीं कर सकी। गांव वाले और पुलिस अभी मलबा हटाने से घबरा रहे हैं।
मालूम हो कि रामसनेहीघाट थाना क्षेत्र के धारूपुर गांव चार दिन पूर्व पटाखा फैक्टरी में हुए भीषण विस्फोट से अगल-बगल के गांव में दहशत का माहौल हो गया था। लगातार दो दिनों तक फायर ब्रिगेड से आग बुझाने का प्रयास किया गया लेकिन अभी तक मलबे से निकल रहा धुआं ग्रामीणों के लिए चिंता बना हुआ है। गांव वालों का कहना है कि अगर इसमें बारूद नहीं है तो यह धुंआ चौथे दिन भी उठना बंद क्यों नहीं हुआ और पुलिस प्रशासन इस मलबे को क्यों नहीं उठा रहा।
तबाही का मंजर देख चुकी शमीरुल जब इलाज के बाद वापस घर पहुंची तो बताया कि आज भी वह धमाका कानों में गूंज रहा है। दहशत का माहौल देख रुखसाना गोपीपुर गांव चली गई थी। शुक्रवार को वापस आई तो घर खंडहर हो चुका था। कहने लगी की अब वह कहां रहेगी। जहां से धुंआ निकल रहा है ग्रामीण उस स्थान पर जमीन के अंदर बारूद भरा होने की बात कह रहे हैं।