मामला थाना जैदपुर के एक गांव का है जहां 3 अप्रैल 2014 को दलित बालिका से गांव के ही आरोपी तुफैल ने बाग में ले जाकर दुराचार किया था। घटना की रिपोर्ट पीड़िता के पिता ने जैदपुर थाने में दर्ज कराई थी। मामले की विवेचना तत्कालीन सीओ वीसी दुबे द्वारा की गई थी जो कि अभी हरदोई में अपर पुलिस अधीक्षक हैं।
गवाहों के बयान व दोनों पक्षों की बहस सुनने के पश्चात विशेष अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश एससी/एसटी एक्ट महमूद अहमद खां ने गुरुवार को आरोपी तुफैल को पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त करार दिया।
वहीं अदालत ने मामले की विवेचना में लापरवाही मिलने पर तत्कालीन सीओ वीसी दुबे के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए गृह सचिव को आदेश दिया है।
अदालत ने कहा बहुत गंभीर मामला
कोर्ट द्वारा अपने आदेश में कहा गया है कि इस मामले में विवेचक ने जिस तरह से लापरवाह पूर्ण तरीके से विवेचना कर अपनी रिपोर्ट दाखिल की उसी से आरोपी बच गया है। अदालत ने इसे बहुत गंभीर प्रकरण मानते हुए इसमें कड़ा रुख अख्तियार किया है। अब गृह विभाग द्वारा ही इस मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।