हैदरगढ़ कस्बे में मामूली विवाद के बाद सभासद पुत्र की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। आक्रोशित परिवारीजन थाने पहुंचे और पुलिस की लापरवाही के खिलाफ सड़क पर ही शव रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। देखते ही देखते हाईवे पर लंबा जाम लग गया। हरकत में आई पुलिस शव को बिना पंचायतनामा कराए पोस्टमार्टम के लिए भेज रही थी पर ग्रामीणों ने शव को नहीं ले जाने दिया। मृतक के पिता की तहरीर पर चार लोगों के खिलाफ नामजद हत्या का मुकदमा दर्ज कर दो लोगों को हिरासत में लिया है।
नगर पंचायत के कोठी वार्ड के सभासद रामगोपाल यादव का बेटा दुर्गेश बृहस्पतिवार को मोहल्ले में ही एक तेरहवीं में शामिल होने गया था। यहां पर उसकी कस्बे के ही कुछ लोगों से कहासूनी हुई थी। इसके बाद वह अपने ठठराही मोहल्ले में रहने वाले मित्र सोनू सोनी को उसके घर छोड़ने गया। लौटते समय ही उस पर कुछ लोगों ने हमलाकर गंभीर रूप से घायल कर दिया। काफी रात बीतने के कारण जब दुर्गेश घर वापस नहीं लौटा तो रामगोपाल उसे खोजने निकले। उन्हें दुर्गेश ठठराही मोहल्ले में सड़क पर मरणासन्न अवस्था में पड़ा मिला जिसे सीएचसी ले जाया गया।
परिवारीजनों ने पुलिस को फोन किया लेकिन प्रभारी निरीक्षक का सीयूजी फोन ही नहीं उठा। उधर, चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद दुर्गेश को लखनऊ रेफर कर दिया। परिजन उसे लेकर लखनऊ जा रहे थे कि रास्ते में गोसाईगंज के पास उसकी मौत हो गई। इस पर आक्रोशित परिवारीजनों ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन शुरू कर दिया। पुलिस एक बार किसी तरह शव को पोस्टमार्टम के लिए लेकर निकली मगर, ग्रामीणों ने रेलवे क्रासिंग के पास से रोककर शव उतार लिया। सीओ समर बहादुर ने मौके पर पहुंचकर हालात को संभालने की कोशिश की पर लोग शांत नही हुए। उसके बाद मौके पर पहुंचे एडीएम संदीप गुप्ता व एएसपी शशिकांत तिवारी के आश्वासन पर परिजन माने। उसके बाद पुलिस ने शव को पोस्टस्मार्टम के लिए भेजा।
पुलिस ने मृतक के पिता रामगोपाल यादव की तहरीर पर दुर्गेश तिवारी, शिवम तिवारी ,नरेंद्र टंडन व अंकुर टंडन के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया। सीओ समर बहादुर ने बताया कि नामजद चार आरोपियों में दो आरोपी दुर्गेश तिवारी व शिवम तिवारी को गिरफ्तार कर पूछताछ की जा रही है।