नदी में उतर कर संघर्ष से मिले पीपा पुल पर टोल टैक्स वसूलने पहुंचे ठेकेदार को ग्रामीणों ने बंधक बना लिया और जमकर बवाल किया। टीकाराम धाम तक आवागमन के लिए बने इस पुल पर सोमवार को ग्रामीणों से व्यवसायिक कर वसूले जाने पर विरोध-प्रदर्शन किया। बाद में अधिशासी अभियंता के हस्तक्षेप पर वसूली रोके जाने पर विवाद शांत हुआ।
गोमती नदी के बाजपुरा घाट से टीकाराम धाम तक आवागमन की सुविधा के लिए ग्रामीणों की मांग पर दो वर्ष पहले सरकार ने पीपा पुल का निर्माण कराया था। बारिश के महीनों में पुल खोल दिए जाने के बाद वर्ष में सात आठ माह तक पुल की सुविधा मिलने से लोग संतुष्ट थे। पुल से हर मंगलवार को टीकाराम धाम में लगने वाले साप्ताहिक मेले तक सीधी पहुंच होने के सुविधा का लाभ नदी के उत्तर में बसे दर्जनों गांवों को मिलता है।
इसके अलावा कटान से प्रभावित जमीनों पर खूती करने वाले किसानों को भी नदी के दोनों किनारों तक पहुंचने में पुल से सुविधा मिल रही है, लेकिन सोमवार को पुल पर ट्रैक्टर-ट्राली कार जीप आदि वाहनों से कर वसूली किए जाने पर ग्रामीण सकते में आ गए तथा ठेेकेेदार के कर्मियों को बंधक बना कर विरोध शुरू कर दिया।
बेहटा के मनोज सिंह, शिवकुमार मिश्र, भगवान दत्त मिश्र, चतुर यादव, रामकिशोर, हंसराज, रामवचन मिश्र, अमित कुमार, छोटेलाल निषाद प्रधान, राजकिशोर, राममिलन, सजीवन, कतली, रामभगोले आदि ने टोल टैक्स वसूली के विरोध में जमकर नारेबाजी की। काफी देर चले हंगामे के बाद सूचना मिलने पर लोकनिर्माण विभाग प्रांतीय खंड के अधिशाषी अभियंता आरके यादव ने फोन पर वार्ता कर ग्रामीणों को शांत किया।
उन्होंने कहा वसूली नहीं होने की ठेकेदार की रिपोर्ट को कमिश्नरी भेजा जाएगा। उन्होंने कहा कि पुल पर कर वसूली के लिए कमिश्नरी से नियमानुसार ठेका हुआ है ग्रामीणों के विरोध से उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया जाएगा। कहा विभाग वसूली को रोकने में सक्षम नहीं है उच्चाधिकारियों के आदेश के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।