फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

डेंगू की चपेट में आए बीए के छात्र की मौत

Sun, 14 Aug 2016 11:36 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/बाराबंकी
विज्ञापन
डेंगू, मच्छर - फोटो : file photo
विज्ञापन
डेंगू की चपेट में आकर रविवार को एक बीए के छात्र की मौत हो गई। तीन दिन पहले हालत बिगड़ने पर परिवारीजनों ने उपचार के लिए सफेदाबाद स्थित एक निजी अस्पताल में उसको भर्ती कराया था। रविवार सुबह इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया।  
विज्ञापन


शहर के मोहल्ला अयोध्यानगर निवासी संजय वर्मा के पुत्र आकाश वर्मा (22) बाराबंकी के एक डिग्री कॉलेज में बीए की पढ़ाई कर रहा था। वह पिछले तीन चार दिनों से बुखार से पीड़ित था। पिता संजय ने बताया कि पहले जिला अस्पताल में दिखाया, लेकिन हालत में सुधार न होने पर शहर स्थिति निजी चिकित्सकों को दिखाया। फिर भी हालत में सुधार नहीं हुआ।

हालत बिगड़ती देख सफेदाबाद स्थित एक निजी अस्पताल में दो दिन पूर्व भर्ती कराया था। जहां उपचार चल रहा था, लेकिन रविवार सुबह हालत और बिगड़ गई जिससे उसकी मौत हो गई। युवक के घरवालों का कहना है उसका प्लेटलेट्स बहुत कम हो गया था।
विज्ञापन


मृतक के पिता का कहना है कि अस्पताल के चिकित्सकों ने डेंगू से मौत होने की बात कही है। बेटे की मौत की खबर से मां का रो-रोकर बुरा हाल है। पड़ोसियों का कहना है कि आकाश अपने माता-पिता की इकलौती संतान था। मृतक की मौत से परिवारीजनों पर गमों का पहाड़ टूट पड़ा है। 

‘मच्छरदानी लगाकर सोएं’
डेंगू एक प्रकार का वायरस है और यह एडीज मच्छर में पाया जाता है। यह मच्छर जिसे भी काटता है उसे डेंगू हो जाता है। यह मच्छर पंचर की दुकानों, जगह-जगह पर एकत्र हुए पानी, बारिश का रुका हुआ पानी, कूलर के पानी आदि में ज्यादा पाया जाता है। इस मच्छर को टाइगर मास्किटो भी कहते हैं। यह मच्छर सबसे ज्यादा पैरों के निचले हिस्से पर वार करता है। इसलिए रात में मच्छरदानी का प्रयोग करना चाहिए। वैसे यह मच्छर ज्यादातर दिन में ही काटता है। -डॉ. राजीव सिंह, एसीएमओ 

ये है लक्षण
डेंगू की चपेट में आने वाले व्यक्ति को कंपकंपी के साथ तेज बुखार आता है। इसके अलावा पीड़ित को भूख नहीं लगती है, शरीर में चकत्ते पड़ जाते हैं और प्लेटलेटस तेजी से कम होने लगते हैं। यदि पीड़ित में प्लेटलेटस 20 हजार तक हुए तो उसकी मौत हो जाती हैं क्योंकि तब शरीर में रक्तश्राव होने लगता है और दिमाग की नसें फट जाती है तथा लीवर कार्य करना बंद कर देता है। 

सुझाव
यदि किसी व्यक्ति में डेंगू के लक्षण पाए जाते हैं तो उसे तत्काल चिकित्सक से सलाह लेनी चाहिए। बिना चिकित्सक की सलाह के किसी प्रकार की दवा नहीं देनी चाहिए। पीड़ित को एस्प्रिन और बुरोफिन टेबलेट किसी भी कीमत पर नहीं देनी चाहिए। क्योंकि यह दवाएं इस रोग के लिए सबसे घातक हैं। 

वर्जन
शहर के अयोध्यानगर में युवक की डेंगू से मौत की जानकारी नहीं है। फिर भी यदि डेंगू की चपेट में आकर मौत हुई है तो इसकी जांच कराई जाएगी। - डॉ. डीआर सिंह, सीएमओ
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें