हिरासत में बाबूराम की मौत के बाद पुलिस ने आननफानन में घर वालों के विरोध के बाद भी सोमवार रात दो बजे शव का अंतिम संस्कार करा दिया। इस बीच ग्रामीणों व पुलिस के बीच काफी विवाद हुआ। अंतिम संस्कार होने तक एसपी, एएसपी, सीओ समेत कई थानों की पुलिस गांव में डटी रही। मृतक के पिता व पुत्री ने पुलिस कर्मियों पर रिपोर्ट दर्ज करने की मांग की है। इस मामले में एसपी ने महादेवा चौकी प्रभारी को लाइन हाजिर कर दिया है।
मोहम्मदपुर खाला थाना क्षेत्र के माधपुरवा मजरे बल्लोपुर गांव निवासी बाबूराम के पुत्र लक्ष्मन पर एक किशोरी के अपहरण का केस दर्ज है। रविवार को पुलिस बाबूराम को इसी मामले में घर से उठा लाई थी। पुलिस हिरासत में बाबूराम की तबियत बिगड़ने के बाद मौत हो गई। पोस्टमार्टम के बाद सोमवार रात शव गांव पहुंचा तो परिवारीजनों व ग्रामीणों ने अंतिम संस्कार दोषी पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई के बाद करने पर अड़ गए।
देर रात तक पुलिस व ग्रामीणों के बीच विवाद चलता रहा। रात करीब दो बजे पुलिस ने विरोध के बावजूद बाबूराम यादव के शव का अंतिम संस्कार करवा दिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए रात में एसपी वैभव कृष्ण, एएसपी ज्ञानंजय सिंह, सीओ श्रीपाल यादव समेत कई थानों की पुलिस व पीएसी मौजूद रही। बाबूराम के पिता केशवराम ने कहा कि सोमवार रात पुलिस कर्मियों ने बेटे के शव का अंतिम संस्कार करने का दबाव बनाया।
जब लोगों ने इसका विरोध किया तो पुलिस वाले कंधे पर बाबूराम का शव लेकर चले गए और अंतिम संस्कार कर दिया। अंतिम संस्कार में परिवार का कोई व्यक्ति मौजूद नहीं रहा। पिता ने कहा पुलिस कर्मी अपने साथ लकड़ी भी लेकर आए थे। बेटे को मारने पीटने से मौत होने की बात कहते हुए दोषी पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई की मांग की है। मंगलवार को केशवराम व बाबूराम की पुत्री पुष्पा ने कहा कि पुलिस की बर्बरता से यह घटना हुई है। इस घटना के बाद से गांव में भी दहशत का माहौल है।