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आरोपी थानेदार और दरोगा की गिरफ्तारी नहीं होगी : कप्तान

Thu, 09 Jul 2015 10:56 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/बाराबंकी
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बाराबंकी। कोठी थाने में पति को छुड़ाने गई महिला को जिंदा जलाने वाले थानेदार रायसाहब यादव और दरोगा अखिलेश राय की गिरफ्तारी नहीं होगी। गुरुवार को एसपी अब्दुल हमीद ने प्रेसवार्ता कर इसकी जानकारी दी। उनका कहना है कि जब पर्याप्त साक्ष्य मिल तभी आरोपियों के खिलाफ धारा बढ़ाई जाएगी, महिला के बयान के आधार पर नहीं। कप्तान ने कहा कि मजिस्ट्रेटी जांच रिपोर्ट व महिला के अंतिम बयान को सिर्फ विवेचना का हिस्सा बनाया जाएगा। इसके आधार पर पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार नहीं करेगी। एसपी का कहना है कि कोठी में हुई घटना की विवेचना की जा रही है और जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती तब तक किसी की गिरफ्तारी नही की जाएगी। कप्तान ने कहा कि मजिस्ट्रेटी जांच रिपोर्ट मिलने पर उसे विवेचना में शामिल किया जाएगा। महिला ने जो बयान मजिस्ट्रेट के सामने दिया है उसके आधार पर अभी किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं की जा सकती है। वादी के बयान दर्ज किए घटना की विवेचना कर रहे थानाध्यक्ष लोनीकटरा अरुण कुमार द्विवेदी का कहना है कि उन्होंने इस मामले मेें वादी व अन्य लोगों के बयान दर्ज किए है। एसओ ने कहा अन्य साक्ष्य जुटाने के लिए वह लखनऊ मेडिकल यूनिवर्सिटी गए हुए है जहां महिला की पीएम रिपोर्ट आदि के कागजात लेने की प्रक्रिया की जा रही है। कहा एक दिन बाद अपनी जांच रिपोर्ट एसपी को सौंपेंगे उसके बाद आगे की कार्रवाई कप्तान के आदेश पर होगी। आरोपियों को बचाने में जुटी पुलिस, पीड़िता का परिवार दहशत में घटना के चार दिन बीत जाने के बाद पुलिस ने अभी तक किसी भी आरोपी की तलाश नहीं शुरू की है। अन्य मामलों में तेजी दिखाने वाली पुलिस इस घटना मेें अपने विभाग के दरोगाओं पर लगे इल्जाम को किसी तरह से झूठा साबित कर उन्हें बचाने की फिराक में है। वहीं, पुलिस के रवैये से पीड़िता का परिवार दहशत में है। उनका कहना है कि आरोपियों के खुलेआम घूमने से परिवार के सदस्योें को खतरा है। वह वारदात के साक्ष्य कमजोर एवं गवाहों को धमका रहे हैं। करने की कोशिश कर रहे हैं। भागा नहीं था, कप्तान साहब ने लाइन भेजा था इस मामले में बात करने के लिए जब आरोपी थानेदार रायसाहब यादव का मोबाइल मिला गया तो वह पहली ही घंटी में उठ गया। उसका कहना है कि मैंने महिला को नहीं जलाया। महिला अपने साथ पेट्रोल लेकर आई थी और थाने के गेट पर ही उसने खुद को आग के हवाले कर दिया। मैंने अपनी गाड़ी से अस्पताल भिजवाया था। घटना के कुछ देर बाद कप्तान साहब थाने और पूरी जानकारी ली। उन्होंने मुझे और अखिलेश राय को लाइन में आमद दर्ज कराने को कहा। उसके बाद हम थाने से चले आए। मैं भगोड़ा नहीं हूं। अपने घर पर हूं। किसी पुलिस अधिकारी ने मुझसे पूछताछ के लिए अभी तक संपर्क नहीं किया है। बोले अधिवक्ता, आरोपियों की गिरफ्तारी टाल रहे एसपी आरोपियों की गिरफ्तारी टाल रहे एसपी किसी मामले की जांच पूरी होने तक यदि गिरफ्तारी नहीं होती है तो अन्य मामलों मेें पुलिस तत्काल गिरफ्तारी क्यों कर लेती है। कोठी की घटना में नामजद एसओ व एसआई को बेजा लाभ पहुंचाने के लिए एसपी अब्दुल हमीद द्वारा इनकी गिरफ्तारी नहीं कराई जा रही है। - हरीश अग्निहोत्री, वरिष्ठ अधिवक्ता जांच प्रभावित हो सकती है कोठी थाने का मामला पुलिस विभाग के खिलाफ है। मामले में निष्पक्ष विवेचना के लिए आरोपी एसओ व एसआई की गिरफ्तारी आवश्यक है नहीं तो इस मामले की जांच प्रभावित होगी। पुलिस जिन मामलों मेें आरोपियों को लाभ पहुंचाना चाहती है उन्हीं में आरोपी को पकड़ा नहीं जाता है। कोई दूसरा मामला होता तो पुलिस अब तक आरोपी व उनके रिश्तेदारों के घर खोद डालती। - संतोष सिंह, वरिष्ठ फौजदारी अधिवक्ता   तुरंत गिरफ्तार किए जाएं आरोपी पुलिस प्रशासन पूरी तरह तानाशाही पर उतर आया है। इतने संगीन मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी न होना इस बात का सुबूत है कि आरोपियों को बचान का प्रयास हो रहा है। महिला के बयान के आधार पर तुरंत हत्या की धारा बढ़ाकर आरोपी जेल भेजें जाएं। - प्रियंका रावत, भाजपा सांसद
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