नवीन फल मंडी में गुरुवार देर रात भीषण आग लग गई। आनन-फानन में मंडी में रहे व्यापारियों ने आग लगने की सूचना मंडी के पदाधिकारियों व पुलिस को दी, लेकिन जब तक आग बुझाने का इंतजार होता तब तक आठ दुकानें जल कर राख हो गई। इससे करीब 60 लाख का नुकसान व्यापारियों को हुआ है। फायर ब्रिगेड की चार गाड़ियों ने तीन घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। भीषण आग दुकान की टीन शेड तक पिघल गई। मौके रात ही मौके पर पहुंचे एसडीएम सदर व विधायक से शासन से मदद दिलाए जाने का आश्वासन दिया है। पीड़ित व्यापारियों ने बताया कि आग शार्ट सर्किट से लगी है।
बाराबंकी-गोंडा मार्ग पर पीएसी के पास स्थित नवीन फल मंडी में दो टिन शेड व दस पक्की दुकानें हैं। गुरुवार रात करीब साढ़े बारह बजे नवीन फल मंडी में पीछे की तरफ बनी टिन शेड में अचानक आग लग गई। इस टिन शेड में फल के थोक व्यापारी मो. यासीन, असलम, सिराज अहमद, मेराज अहमद, मो. सिराज, छोटे मुन्न, मो. इस्माइल की दुकानें थी। आग की लपटों ने तेजी से पूरे टिन शेड को अपनी चपेट में ले किया। तेज गर्मी पाकर जागे व्यापारियों ने आग लगने की सूचना अपने अन्य व्यापारी साथियों को दी।
करीब पंद्रह मिनट में ही सैकड़ों व्यापारी मौके पहुंच गए। व्यापारियों ने आग लगने की सूचना पुलिस व फायर बिग्रेड को दी। थोड़ी ही देर में फायर बिग्रेड के चार वाहन मौके पर पहुंचे। पास ही तालाब में पाइप लगाकर आग बुझाना शुरू किया करीब तीन घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। इतनी देर में मंडी का नक्शा ही बदल गया।
व्यापारियों ने बताया कि आग शार्ट सर्किट के चलते लगी है। अग्निकांड में करीब साठ लाख के फल व अन्य सामान का नुकसान हुआ है। मौके पर सदर विधायक धर्मराज यादव व एसडीएम सदर नीलम यादव भी पहुंची। उन्होंने पीड़ित व्यापारियों का शासन से मदद दिलाए जाने का आश्वासन दिया।
भीषण आग से पिघल गई टिन शेड
नवीन फल मंडी में लगी आग इतनी भीषण थी कि व्यापारी दूर से अपने बर्बाद हो रही फलों को देख आंसू बहा रहे थे। लेकिन कोई भी बरामदे के पास जाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा था। आग इतनी भीषण भी कि टिन शेड पिघल कर मुड़ गई।
नहीं पहुंचे मंडी परिषद के अफसर
सब्जी एवं फल व्यापारी एसोसिएशन के अध्यक्ष ताज बाबा राईन ने कहा कि आग लगने की सूचना मिलते ही व अपने अन्य पदाधिकारियों व व्यापारियों के साथ आनन-फानन 15 मिनट में ही नवीन फल मंडी पहुंच गए। हादसे में करीब साठ लाख का नुकसान हुआ है। मौके पर सदर विधायक व सदर एसडीएम भी पहुंची, लेकिन दुखद यह है कि मंडी परिषद का कोई अधिकारी व कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा।