अवैध संबंधों में हुई थी फैजाबाद के ट्रांसपोर्टर की हत्या
बाराबंकी। अवैध संबंधों के चलते अगवा कर फैजाबाद के ट्रांसपोर्टर विनय कुमार यादव की हत्या की गई थी। मंगलवार को पुलिस ने ट्रांसपोर्टर हत्याकांड का खुलासा करने का दावा करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जबकि, एक फरार है। पुलिस ने अपहरण-हत्या मेें प्रयुक्त इनोवा कार भी बरामद किया है।
एसपी अनिल कुमार सिंह ने मंगलवार को पुलिस लाइन में बताया कि फैजाबाद जिले के रामपुर छतवारा गांव निवासी ट्रांसपोर्टर विनय कुमार यादव का अपहरण सितंबर रात रामसनेहीघाट कोतवाली क्षेत्र में हाईवे बाईपास से इनोवा सवार लोगों ने किया था। इसके बाद व्यापारी का शव अंबेडकरनगर जिले में टांडा के पास घाघरा नदी में मिला था। पाुलिस ने इस मामले का खुलासा करते पांच आरोपियों को पकड़ा है। पकड़े गए आरोपियों में राजेश सिंह व इनका भाई रंजीत सिंह निवासी ग्राम अशोकपुर थाना वजीरगंज जनपद गोंडा, शिशु सिंह उर्फ आनंद विक्रम निवासी मसोधा मोतीनगर थाना पूराकलंदर जनपद फैजाबाद, संदीप यादव निवासी गोकुला थाना रौनाही फैजाबाद, अंकित कश्यप निवासी चौरसिया बिहार बुद्वेश्वर थाना काकोरी जनपद लखनऊ शामिल है। जबकि इनका एक साथी रानू वर्मा फरार हो गया है। पकड़े गए पांचों आरोपियों को पुलिस ने कोर्ट में पेश किया जहां से उन्हें जेल भेजा गया है।
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राजेश की पत्नी से थे अवैध संबंध
एएसपी शशीकांत तिवारी ने बताया कि मृतक विनय कुमार यादव व आरोपी राजेश सिंह के बीच पहले काफी दोस्ती थी। यह दोनों टांसपोर्टर का काम करने के चलते एक साथ रहते थे। इसके चलते मृतक व राजेश की पत्नी के बीच अवैध संबंध हो गए थे। ट्रांसपोर्ट के कारोबार व पत्नी से अवैध संबंध के चलते राजेश व विनय के बीच विवाद हुआ था जिसके बाद राजेश ने लखनऊ के गुड़ंबा थाने में विनय व उसके साथियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इन्हीं सब बातों को लेकर राजेश ने अपने भाई व अन्य साथियों के साथ मिलकर विनय के अपहरण व हत्या की साजिश रची। जिसके बाद लखनऊ से इनोवा कार लेकर उसका नंबर प्लेट बदलकर इस वारदात को अंजाम दिया गया।
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पुलिस टीम को पांच हजार इनाम
एसपी ने इस मामले का खुलासा करने वाली पुलिस टीम में शामिल कोतवाली प्रभारी रामसनेहीघाट बृजेशचंद्र तिवारी, सर्विलांस सेल के एसआई अक्षय कुमार, क्राइम ब्रांच स्वाट टीम प्रभारी सुधीर अवस्थी, नरेंद्र सिंह, बृजनाथ द्विवेदी, मनीष दुबे, सुनील यादव, आदिल हाशमी, दीपचंद आदि पुलिस टीम को पांच हजार का पुरस्कार दिया है।