प्री एक्टिवेटेड सिम बेचने वाली
कंपनियों पर गिर सकती है गाज
क्रासर
-केंद्रीय दूरसंचार विभाग के डिप्टी डायरेक्टर ने शुरू की जांच, एसपी से मिले
- पुलिस ने 12 सितंबर को बरामद किए थे 260 प्री-एक्टिवेटेड सिमकार्ड
अमर उजाला ब्यूरो
बाराबंकी। प्री एक्टिवेटेड सिम कार्ड बेचने वाली कंपनियों, विक्रेताओं और उनका प्रयोग करने वाले उपभोक्ताओं पर किसी भी समय बड़ी गाज गिर सकती है। जिले की पुलिस ने 260 प्री एक्टिवेटेड सिमकार्ड फर्जी आईडी पर बेचने का खुलासा कर दो लोगों को जेल भेजा था। पूरे प्रकरण की जांच और कार्रवाई के लिए डिर्पाटमेंट ऑफ इनफार्मेशन टेक्नालॉजी एंड टेलीकम्यूनिकेशन विभाग भारत सरकार को पत्र लिखा था जिस पर डिप्टी डॉयरेक्टर ने एसपी से पूरे प्रकरण पर सलाह ली और दर्ज एफआईआर के अध्ययन के बाद कार्रवाई के संकेत दिए।
दूसरे की आईडी चोरी कर महंगे दामों पर सिमकार्ड बेचने वाले रैकेट का पुलिस ने भंडाफोड़ किया था। बीते 12 सितंबर को पुलिस के इस खुलासे में पकड़े गए दो युवकों के पास 260 प्री-एक्टिवेटेड सिम कार्ड मिले थे। बरामद सिमकार्ड में 203 एक्टिवेटेड सिम वोडाफोन के, 51 एक्टिवेटेड सिम एयरटेल, 4 एक्टिवेटेड सिम टाटा डोकोमो व दो एक्टिवेटेड सिम बीएसएनएल के शामिल हैं। इसके बाद एसपी ने इन सभी टेलीकॉम कंपनी के अफसरों को नोटिस भी भेजी थी।
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एसपी से मिली केंद्रीय टीम
एसपी वीपी श्रीवास्तव ने बताया कि फर्जी आईडी पर सिमकार्ड बरामद होने के मामले में भारत सरकार की टीम के डिप्टी डायरेक्टर आलोक रंजन समेत दो अफसर उनसे मिलने आऐ थे। इन अधिकारियों ने बरामद सिमकार्ड का पूरा लेखा जोखा व दस्तावेज लेने के साथ ही मुकदमे के बारे में भी जानकारी ली है।