मेंथा की टंकी फटने से झुलसी बालिका की मौत
बाराबंकी। मेंथा की फसल की पेराई के दौरान शनिवार को टंकी फटने से झुलसी बालिका की उपचार के दौरान मौत हो गई। गंभीर हालत में बालिका को परिवारीजनों ने जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। मामूली रूप से झुलसे अन्य ग्रामीणों ने सीएचसी पर उपचार कराया।
पुलिस के मुताबिक जैदपुर थाना क्षेत्र के अजपुरा गांव में मेंथा की फसल की पेराई के लिए मायाराम ने टंकी लगा रखी है। उस टंकी में शनिवार को किसान धर्मराज अपनी मेंथा की फसल की पेराई करा रहा था। धर्मराज की बेटी नैनसी (12) टंकी में ईंधन (जलावन) झोंक रही थी। ताप बढ़ने से टंकी के नीचे का हिस्सा फट गया। टंकी के खौलते पानी की चपेट में आने से नैनसी बुरी तरह झुलस गई। पास में मौजूद कई अन्य ग्रामीण भी मामूली रूप से घायल हो गए। गंभीर हालत में बालिका को परिवारजनों ने जिला अस्पताल में भर्ती कराया, जहां पर इलाज के दौरान रात में नैनसी (12) की मौत हो गई। बालिका की मौत से परिवारीजनों में कोहराम मच गया।
एक सप्ताह में चार टंकियां फटीं, किसान की मौत
जिले में एक सप्ताह के दौरान मेंथा की टंकियां फटने के चार हादसे हो चुके हैं। गत 27 मई को फतेहपुर क्षेत्र के ग्राम धरौली में टंकी फटने से इलियास, उस्मान व अम्बर गंभीर रूप से झुलस गए। तीनों को गंभीर हालत में सीएचसी से जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। उनमें इलियास की सिविल अस्पताल लखनऊ में उपचार के दौरान मौत हो गई। 29 मई को ग्राम गुरसेल में मेंथा की फसल की पेराई के दौरान टंकी फटने से धीरेन्द्र के साथ सीतापुर जनपद का रहने वाला शारदा प्रसाद व अमरीश गंभीर रूप से झुलस गए। ग्रामीणों ने तीनों को सीएचसी फतेहपुर पहुंचाया था जहां से उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। 31 मई को बदोसराय के ग्राम रमसहाय में मेंथा टंकी फटने से बाबूलाल, उसका बेटा वीरेंद्र व मिथुन घायल हो गए। तीनों का लखनऊ के सिविल अस्पताल में इलाज चल रहा है।