मामी की हत्या में पिता-पुत्र को उम्रकैद
अमर उजाला ब्यूरो
बाराबंकी। जिला एवं सत्र न्यायाधीश हसनैन कुरैशी ने जमीन की रंजिश में मामी की हत्या में पिता-पुत्र को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने दोनों आरोपियों को दस-दस हजार रुपए अर्थदंड की भी सजा सुनाई है।
प्रभारी जिला शासकीय अधिवक्ता अमरेश विक्रम सिंह ने बताया कि थाना मोहम्मदपुर खाला के ग्राम ऐनुद्दीनपुर निवासी बिटाना उर्फ बड़की पत्नी सुकई की कोई संतान नहीं थी। सुकई ने अपने जीवनकाल में वसीयत की थी। इसमें अपनी कुल चल अचल संपत्ति को बिटाना की देखरेख व कब्जे में रहने की बात लिखी थी और विक्रय करने का अधिकार नहीं किया था। परंतु बिटाना ने आठ बीघे भूमि विक्रय कर दिया। जिससे सुकई का भांजा घसीटे नाराज था। इसी रंजिश के चलते 25 जून 2005 घसीटें ने अपने लड़के धनीराम के साथ मिलकर बिटाना की हत्या कर दी थी। गवाहों के बयान व दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने दोनों आरोपी पिता-पुत्र को आजीवन कारावास की कैद व दस-दस हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है।