सरकार भले ही किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए नई-नई योजनाएं शुरू कर रही हो या फिर खाद की किल्लत दूर करने के प्रयास लेकिन नकली खादों की बिक्री का खामियाजा भुगतने से किसान उबर नहीं पा रहे हैं। किसानों ने निजी विक्रेताओं से खाद लेने से किनारा कर सहकारी समितियों पर मिलने वाली नामचीन कंपनी इफको की खाद पर भरोसा जताया।
मगर, यहां भी नकली खाद मिलने से किसान ठगे महसूस कर रहे हैं। हालांकि जिला कृषि अधिकारी ने समिति से इफको की नकली खाद बेचने वाले सचिव पर सफदरगंज थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। थाना क्षेत्र सफदरगंज के पल्हरी स्थित किसान सेवा सहकारी समिति पर इफको कंपनी की नकली खाद सचिव ने किसानों को बेच दी।
किसानों ने इसका प्रयोग खेत में किया तो खाद नकली होने की बात सामने आई। इसकी शिकायत देवकलिया गांव के किसानों ने अक्तूबर 2018 में जिला कृषि अधिकारी से की थी। इस पर कृषि अधिकारी ने समिति पर पहुंचकर खाद के नमूने लिए।
वहीं एआर कोआपरेटिव ने उसी समय सचिव को निलंबित कर इस समिति का चार्ज सफदरगंज समिति के सचिव को दे दिया था। दो दिन पहले जांच को भेजे गए नमूने की लैब से रिपोर्ट मिलने पर खाद के नकली होने की पुष्टि हुई।
इस पर जिला कृषि अधिकारी ने सफदरगंज थाने में तहरीर देकर किसान सेवा सहकारी समिति के सचिव कमल चंद्र वर्मा के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है।
बड्डुपुर थाना क्षेत्र के मौलाबाद में इफको खाद का बिक्री केंद्र अधिकारियों की मिलीभगत से चल रहा था। इस केंद्र से नकली खाद बेचने की शिकायत पर दो नवंबर को जिला कृषि अधिकारी ने छापेमारी कर नमूने को जांच के लिए भेजा था।
वहीं जिला कृषि अधिकारी ने मामले की जानकारी इफको के अधिकारियों से की तो उन्होंने अपने बचाव में केंद्र के बिना लाइसेंस चलने की बात कहकर अपना बचाव कर लिया।
हालांकि, नमूने की रिपोर्ट में इफको के बिक्री केंद्र से बेची जाने वाली खाद के नकली होने की पुष्टि पर पांच दिन पहले बड्डुपुर थाने में जिला कृषि अधिकारी संजीव कुमार ने केंद्र संचालक अवधेश कुमार व प्रेमचंद्र के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है।
जिला कृषि अधिकारी संजीव कुमार ने बताया कि किसान सेवा सहकारी समिति पल्हरी पर बेची जा रही इफको की खाद के नकली होने की पुष्टि जांच रिपोर्ट में हुई है। इसके बाद सफदरगंज थाने में समिति के सचिव कमल चंद वर्मा के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया गया है।
इफको के क्षेत्रीय प्रबंधक -धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि इफको कंपनी की खाद मंगवाने का कार्य मेरा है। इसकी सप्लाई पीसीएफ के माध्यम से होती है। ऐसे में इस मामले से मेरा कोई सरोकार नहीं है।
एआर कोआपरेटिव मित्रसेन वर्मा ने बताया कि समिति पर बेची जा रही खाद पीसीएफ के गोदाम से नहीं भेजी गई है। सचिव कहां से खाद लेकर बेच रहे थे, इस बात की पुष्टि पुलिस की जांच में होगी। सचिव को मामला पकड़ में आने के बाद ही निलंबित कर दिया गया था। इस समिति पर नए सचिव को तैनात किया जाएगा।