बाराबंकी। शहर कोतवाली क्षेत्र में लखनऊ-अयोध्या हाइवे पर एक रेस्टोरेंट में वेज भोजन के ऑर्डर पर नॉनवेज लाने के विरोध पर दबंगों ने मर्चेंट नेवी के अफसर व उसके साथियों को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा। इससे वहां दहशत फैल गई। मौके पर पहुंची पुलिस लहूलुहान युवकों को लेकर जिला अस्पताल पहुंची। इनमें एक को गंभीर चोटें आई हैं। घायल युवक के पिता ने रेस्टोरेंट के मैनेजर व दो लोगों समेत 20-25 अज्ञात लोगों के खिलाफ तहरीर दी है। फायरिंग का भी आरोप है।
लखनऊ के गाजीपुर थाना क्षेत्र के लक्ष्मणपुरी निवासी संतोष मिश्र के अनुसार, उनका पुत्र इशांत मिश्रा मर्चेंट नेवी में हांगकांग में अधिकारी है। इस समय वह अवकाश पर आया है। बुधवार को उसका जन्मदिन था। इसीलिए इशांत, अपने चचेरे भाई शौर्य मिश्रा व दो साथियों आयुष व अनुराग के साथ बुधवार रात बाराबंकी के सुभाषनगर स्थित ननिहाल गया था।
रात करीब 1 बजे सभी सफेदाबाद के निकट लखनऊ-अयोध्या के किनारे कालिका हवेली रेस्टोरेंट में खाना खाने के लिए रुके थे। आरोप है कि शाकाहारी खाने का ऑर्डर देने के बाद भी मांसाहारी भोजन परोस दिया गया। इसका विरोध करने पर रेस्टोरेंट वालों ने अभद्रता शुरू कर दी।
इस दौरान गालीगलौज करते हुए मैनेजर के साथ प्रवीन सिंह, दीपक यादव समेत करीब 20-25 अन्य लोगों ने इशांत व शौर्य पर हमला कर दिया। लाठी-डंडों व सरिया से दौड़ा-दौड़ा कर पीटा। काफी देर तक रेस्टोरेंट के बाहर अराजकता का हाल रहा। इस दौरान रेस्टोरेंट के मैनेजर पर फायरिंग करने का भी आरोप है।
इस हमले में इशांत गंभीर रूप से घायल हो गया। 112 नंबर पर सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने इशांत व शौर्य को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। रात करीब ढाई बजे सूचना पाने पाकर परिजन भी पहुंच गए। शहर कोतवाल संजय मौर्य ने बताया कि, शिकायत मिली है। मामले की जांच की जा रही है।
उधर, घायल इशांत के पिता संतोष ने आरोप लगाया कि उन्हीं के बच्चों पर हमला किया गया और पुलिस ने केस दर्ज कार्रवाई करने की बजाय उल्टे इशांत के साथी को कोतवाली में पूरे दिन बैठाये रखा।
पहले भी चली गोली, आए दिन विवाद
कालिका हवेली रेस्टोरेंट में विवाद, मारपीट व फायरिंग कोई नई बात नहीं है। इससे पहले भी यहां कई बार ऐसी घटनाएं हो चुकी है। नवंबर 2020 में भी यहां मारपीट व फायरिंग हुई थी। इसका केस दर्ज किया गया थ। जनवरी 2020 में भी मारपीट व तोड़फोड़ हुई थी। इसमें रेस्टोरेंट के प्रबंधक व कर्मियों पर केस दर्ज हुआ था।
नमूना फेल होने पर हो चुका 10 हजार जुर्माना
कालिका हवेली में खाने को लेकर विवाद के हालात सामने ही आते रहते हैं। खाने की गुणवत्ता की बात करें तो एफएसडीए ने पनीर का नमूना जांच के लिए भेजा था। जो जांच में फेल हो गया था। इस पर 10 हजार रुपये का जुर्माना भी हो चुका है।