असंद्रा/कोटवासड़क (बाराबंकी)। असंद्रा थाना क्षेत्र में बुधवार रात जमीन में छपा खजाना ढूंढने के लिए एक युवक को कथित तांत्रिक व कुछ लोग जंगल में ले गए। वहां जमीन में गड्ढा खोदा व युवक पर टीका व काजल लगाकर कंबल ओढ़ा दिया। युवक को कुछ गड़बड़ लगी तो वह भाग खड़ा हुआ। ग्रामीणों ने बलि देने की आशंका जताई तो सक्रिय हुई पुलिस ने कथित तांत्रिक समेत तीन लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। तांत्रिक समेत तीनों आरोपियों की पुलिस तलाश कर रही है।
पुलिस के अनुसार, असंद्रा थाने के टिकरी गांव निवासी अनंत गोड़िया के कमर में परेशानी थी। इस पर उसके दोस्त श्रीपाल ने रामसनेहीघाट के कल्यापुरवा गांव निवासी अपने दोस्त व तांत्रिक सूरज से कमर की बीमारी ठीक कराने के लिए उल्टा पैदा होने वाले युवक को लाने को कहा।
बीती 25 अक्तूबर को सूरज रायबरेली के शिवगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम मठ गोसाई के दिनेश के पुत्र आशीष कुमार को लेकर असंद्रा के टिकरी गांव में अनंत के पास पहुंचे। बुधवार रात को कथित तांत्रिक सूरज, रामहरख व एक अन्य युवक को मझगांवा गांव के जंगल में लेकर पहुंचे। यहां गड्ढा खोदकर जमीन में छिपा खजाना ढूंढने की बात कहते हुए आशीष के टीका व काजल लगा दिया। इसके बाद उसे कंबल ओढ़ाकर गड्ढे के पास ले ही गए थे कि आशीष जान बचाकर भाग निकला।
रातभर भटकने के बाद वह मझौटी गांव के पास पहुंचा। उसने लोगों को आपबीती बताई तो बलि देने के प्रयास की चर्चा पूरे क्षेत्र में फैल गई। सूचना पाकर असंद्रा पुलिस सक्रिय हुई। आननफानन युवक के पिता दिनेश भी असंद्रा पहुंच गए। युवक से बयान लेने के बाद पिता दिनेश की तहरीर पर पुलिस ने कथित तांत्रिक सूूरज, उसके रायबरेली निवासी रिश्तेदार रामहरख व एक अज्ञात समेत तीन लोगों ने युवक को बंधक बनाने व धमकाने का केस दर्ज किया गया है।
पुलिस इस मामले में टिकरी के अनंत से पूछताछ कर रही है। असंद्रा के थाना प्रभारी नीतीश श्रीवास्तव ने बताया कि बलि देने के प्रयास का मामला नहीं है। आशीष उल्टा पैदा हुआ था इसलिए उसके द्वारा कथित तांत्रिक के जरिए छिपा खजाना ढूंढने का प्रयास किया गया। आरोपियों की तलाश चल रही है। एएसपी अखिलेश नारायण सिंह ने बताया कि नर बलि की सूचना आधारविहीन है।