बाराबंकी। अयोध्या हाईवे पर मारपीट के मामले में शहर कोतवाली में पहली बार शनिवार रात अंग्रेजी भाषा में एफआइआर दर्ज की गई। यह पहला केस है जो हिंदी के अलावा किसी अन्य भाषा में दर्ज हुआ है। इसके वादी तमिलनाडु प्रांत के रहने वाले हरिप्रसाद बने हैं। पीड़ित का आरोप है कि हमलावरों ने उनकी कार में तोड़फोड़ करने के साथ परिवार को धमकी देने के साथ अभद्रता की है। मामले में तत्काल केस दर्ज होने पर पीड़ित ने पुलिस की सराहना भी किया है।
तमिलनाडु प्रदेश के थेरुनालुवेली मोथानगेरी ईस्ट स्ट्रीट के रहने वाले हरिप्रसाद शनिवार रात अपने परिवार के साथ कार से लखनऊ से अयोध्या जा रहे थे। इस दौरान शहर इलाके में हाईवे बाईपास पहुंचने पर उनका कार सवार कुछ लोगों से विवाद हो गया। इसके बाद उन्होंने पुलिस को सूचना देकर बताया कि कार सवार कुछ लोगों ने उन्हें बीच सड़क पर रोक लिया है और मारपीट कर रहे हैं।
इस पर तत्काल पुलिस मौके पर पहुंची लेकिन तब तक मारपीट करने वाले कार सवार लोग मौके से चले गए थे। घटना से भयभीत हरिप्रसाद ने कोतवाल से बताया कि वह मामले में केस दर्ज कराना चाहते हैं। इसके बाद कोतवाली पहुंचने पर हरिप्रसाद ने अपने साथ हुई वारदात की तहरीर अंग्रेजी में दी।
इस पर पुलिस ने पीड़ित द्वारा बताए गए आरोपियों की कार नंबर के आधार पर एफआईआर अंग्रेजी में ही दर्ज कर तत्काल उसे उसकी कॉपी दे दी। कोतवाली में कंप्यूटर पर टाइप करने वाली सिपाही ज्योति ने यह केस दर्ज किया है। कोतवाल ने बताया कि पुलिस ने इस मामले में 15 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। जबकि एक आरोपी को जेल भेजा गया है।
जेल जाने वाले आरोपी एन्जिल वाटसन के अलावा जिनके नाम प्रकाश में आए हैं उनमें आलोक तिवारी निवासी आनंद नगर, आलविन चरन निवासी रफीनगर, सारून वाटसन देवा रोड व सुशांत वाटसन रफीनगर शामिल है। कोतवाल ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा रही है।