सिरौलीगौसपुर क्षेत्र की ग्राम पंचायत चैला में ग्राम निधि खाते से 13 लाख 50 हजार की लागत से बनाया गया अंत्येष्टि स्थल भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया है। वित्तीय वर्ष बीत जाने के बाद भी कार्य पूरा नहीं हो सका है। मामला संज्ञान में आने के बाद जिला विकास अधिकारी द्वारा की गई जांच में प्रकरण सही पाए जाने के बाद विभाग ने संबंधित सचिव को हटा दिया है और जांच पूरी होने के बाद रिकवरी किए जाने की तैयारी की जा रही है।
स्थानीय विकास खंड के ग्राम पंचायत चैला में वर्ष 2014 व 2015 में ग्राम निधि से 13 लाख 50 हजार की लागत से अंत्येष्टि स्थल का निर्माण कराया गया था। जिसका निर्माण कार्य आज तक पूरा नहीं हो सका है। बीते अक्तूबर माह में इस संबंध में सीडीओ अंजनी कुमार से ग्रामीणों ने शिकायत की थी।
जिस पर सीडीओ ने बीते 08 नवंबर 2017 को डीडीओ जगदीश त्रिपाठी से इसकी जांच कराई थी। इस दौरान शिकायत करने वाले ग्रामीणों ने अपने बयान भी दर्ज कराए थे। अंत्येष्टि स्थल के निर्माण में तत्कालीन पंचायत सचिव सालिक राम वर्मा द्वारा सरकारी धन का दुरुपयोग किए जाने पर डीडीओ की जांच रिपोर्ट के आधार पर उसे ग्राम पंचायत से हटा दिया गया था और आगे की पूरी जांच व रिकवरी कराने के लिए एडीपीआरओ जेके गौंड को दिशा निर्देश दिए गए थे लेकिन आज तक आगे की कार्रवाई पूरी नहीं हुई।
इस अंत्येष्टि स्थल में एक शव दाह घर, लकड़ी रखने का कक्ष, दो प्रसाधन, दो स्नानागार, एक प्रतीक्षालय व बाउंड्री वाल बनाए जाने का प्रावधान शामिल था। वर्तमान में अंत्येष्टि स्थल का हाल यह है कि इसमें घटिया किस्म की सामग्री का प्रयोग किए जाने के चलते बाउंड्री वाल टूट कर बिखर गई है।
कैंपस की मिट्टी से पटाई न किए जाने से बरसात के दिनों में जलभराव की स्थिति हो जाती है। प्रतीक्षालय में शव दाह करने वाले लोगों के बैठने के लिए सीटों की व्यवस्था तक नहीं की गई। प्रसाधन तो बन गए लेकिन सीट व प्लॉस्टर न होने से यह निष्प्रयोज्य साबित हो रहे हैं। यही हाल स्नानागार का भी है। अंत्येष्टि स्थल बनाने के नाम पर लाखों रुपये महज खानापूर्ति कर बंदरबांट की गई है।
ग्रामीण कर चुुके हैं कई बार शिकायत : ग्राम पंचायत चैला में लाखों रुपए की लागत से बनाए गए अंत्येष्टि स्थल में अनियमितता बरती जाने की शिकायत कुंवर बृजराज सिंह, अशोक सिंह, पंकज सिंह, मनोज कुमार, उमा शंकर, कल्लू यादव, वसुदेव समेत करीब दो दर्जन ग्रामीणों ने उच्च अधिकारियों से लेकर मुख्यमंत्री से की थी परंतु नतीजा शून्य रहा। ग्रामीणों का आरोप है कि जांच के बीच आए अवर अभियंता राजीव भटनागर ने ग्रामीणों के बयान को फाड़ कर फेंक दिया जिससे ग्रामीणों में रोष है। इसकी भी शिकायत ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री से की है।
संबंधित प्रकरण की जांच की जा रही है। दोषी सचिव सालिक राम वर्मा को हटा दिया गया है। उससे रिकवरी कराई जाएगी। चुनाव के कारण अधिक व्यस्तता के चलते जांच पूरी नहीं हो सकी थी। -जेके गौंड, अपर जिला पंचायत राज अधिकारी प्राविधिक