बाराबंकी। जिला अस्पताल में बनाया गया कोविड अस्पताल पूरी तरह से बनकर तैयार हो गया है। दावा किया जा रहा है कि सोमवार से कोरोना मरीजों को भर्ती करने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। पहले चरण में 30 बेड से इसकी शुरूआत की जा रही है और यहां पर भर्ती होने वाले मरीजों एल-2 और एल-3 जैसी सुविधाएं मिलेंगी। इसके लिए डॉक्टरों की टीम और कर्मचारियों को भी लगा दिया गया है।
जिला अस्पताल में बने ट्रॉमा सेंटर को कोविड अस्पताल में तब्दील करने की प्रक्रिया कई दिनों से चल रही थी। लेकिन विभागीय अधिकारियों द्वारा रुचि न लेने की वजह से अस्पताल शुरू नहीं हो पा रहा था। डीएम की सख्ती के बाद कोविड अस्पताल बनाए जाने की प्रक्रिया को और गति मिली। यह अस्पताल पूरी तरह से बनकर तैयार हो गया और इसकी शुरूआत 30 बेड से होने जा रही है। सोमवार से यहां पर भर्ती किए जाने वाले मरीजों को एल-2 और एल-3 अस्पतालों जैसी सुविधाएं मिलेंगी।
इसके लिए चिकित्सकों और कर्मचारियों की ड्यूटी लगाते हुए उनकी जवाबदेही तय कर दी गई है। साथ ही यह निर्देश दिया गया है कि अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों के उपचार में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। क्योंकि अस्पताल में भर्ती होने वाले कोरोना मरीजों के लिए इस समय डॉक्टर ही सबकुछ हैं। ऐसी स्थिति में मरीजों से सामान्य व्यवहार किया जाए और उन्हें किसी प्रकार की असुविधा न हो इस बात का भी ध्यान रखा जाए।
सीएमओ डॉ. बीकेएस चौहान ने बताया कि जिला अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर को कोविड अस्पताल में बदलकर इसे सोमवार से शुरू किया जा रहा है। पहले चरण में 30 बेड से इसकी शुरूआत कर रहे हैं। यहां पर भर्ती होने वाले मरीजों को एल-2 और एल-3 जैसी सुविधाएं देने का प्रयास किया जा रहा है। इसके साथ ही सिरौलीगौसपुर के अस्पताल में सौ बेड को एल-1 के रुप में शुरू करने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है।
निजी अस्पतालों की मनमानी पर उठाया गया कदम
कोरोना मरीजों के लिए संबद्ध निजी अस्पतालों की मनमानी और मरीजों से की जा रही अवैध वसूली की मिल रही शिकायतों को जिला प्रशासन ने काफी गंभीरता से लिया। ऐसे अस्पतालों के खिलाफ जहां जांच शुरू की गई है। वहीं सरकारी अस्पतालों को कोविड अस्पताल बनाए जाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई थी। इसी के तहत पहले चरण में जिला अस्पताल को कोविड अस्पताल के रुप में शुरू किया जा रहा है। साथ ही इस बात को भी ध्यान रखा जा रहा है कि यहां पर आने वाले अन्य मरीजों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।