लखनऊ सुल्तानपुर मार्ग पर शुक्रवार की शाम अमेठी डिपो की रोडवेज बस ओवरटेक करते समय सामने से आ रहे बाइक सवर चचेरे भाइयों को रौंद दिया। दुर्घटना में बाइक सवार दो चचेरे भाइयों की मौके पर ही मौत हो गई।
हादसे के बाद चालक बस रोकने के बजाए भगाने लगा। बस में फंसकर बाइक करीब 100 मीटर घसीटती चली गई। कुछ दूर जाकर बस छोड़ चालक-परिचालक भाग गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
अमेठी जिले के थाना शिवरतनगंज के ग्राम धरगही मजरे हथरोहना निवासी राधेश्याम (18) पुत्र रामदेव पाल अपने चचेरे भाई रामदास पाल (17) पुत्र रामबहादुर पाल के साथ बाइक से पंडित पुरवा गांव को भंडारे में शामिल होने जा रहे थे।
दोनों हैदरगढ़ कोतवाली क्षेत्र के ग्राम खरसतिया गांव के पास पहुंचे ही थे कि सुल्तानपुर की ओर से लखनऊ जा रही एक अमेठी डिपो की एक बस ने उन्हें रौंद दिया। हादसे के बाद बस के निचले हिस्से में फंसकर बाइक करीब 100 मीटर तक घिसटती रही। बाद में चालक बस छोड़ मौके से भाग गया।
राहगीरों ने किसी तरह दोनों को खींचकर बाहर निकाला तब तक दोनों की मौके पर ही मौत हो चुकी थी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। कोतवाल एसपी सिंह का कहना है कि बस चालक की लापरवाही के चलते हादसा हुआ है। बस को कब्जे में लेकर चालक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। हादसे के समय बाइक सवार हेलमेट नहीं पहन रखा था।
बेटे की मौत की सूचना के बाद बेहोश हुई मां
बेटे की मौत की सूचना पर घटना स्थल पहुंची रामदास की मां दुलारा बेटे का शव देखकर बेहोश हो गई। होश में आने के बाद बार बारयही कह रही थी कि भंडारे के लिए निकला मेरे बच्चे भगवान के पास चले गए। राधेश्याम की मां श्यामपता का भी रोकर काफी बुरा हाल था। दोनो की हालत खराब होता देख कर ग्रामीणों ने घर भेजवा दिया।