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अदालत: महिला की हत्या मामले में 10 साल बाद तीन आरोपी बरी

Sun, 26 Jul 2026 01:12 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
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बाराबंकी। महिला की हत्या के मामले में अदालत ने तीन आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया। अदालत ने गवाहों के बयानों में विरोधाभास और अभियोजन पक्ष द्वारा आरोप न साबित कर पाने पर यह फैसला सुनाया गया।
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टिकैतनगर थाना क्षेत्र के विद्यानगर गांव निवासी राकेश कुमार वर्मा ने 18 अप्रैल 2016 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप था कि उनकी पत्नी शांति देवी उर्फ सावित्री वर्मा जानवरों को चारा दे रही थीं। इसी दौरान उनकी गाय छूटकर उनके भाई कौशल वर्मा के दरवाजे पर चली गई। इस पर कौशल के बेटे मुकेश वर्मा की पत्नी मंजू वर्मा गाली-गलौज करने लगी। सावित्री देवी ने विरोध किया तो मंजू ने अपने पति मुकेश वर्मा, देवर रवि वर्मा और ससुर कौशल वर्मा को बुला लिया। आरोप था कि चारों ने लाठी-डंडों से सावित्री देवी की पिटाई की, जिससे उनकी मौत हो गई। बीच-बचाव करने पहुंची उनके बेटे व बेटी पर भी हमला हुआ। मुकदमे के दौरान मृतका के पुत्र अतुल ने बताया कि घटना गर्मी के महीने की थी और वह छत पर सो रहा था। शोर सुनकर वह नीचे पहुंचा तो उसकी मां जमीन पर पड़ी थीं। उसने किसी को अपनी मां को मारते हुए नहीं देखा था। अन्य गवाहों के बयानों में भी विरोधाभास सामने आए। अदालत ने कहा कि जब गवाह अपने बयानों के महत्वपूर्ण हिस्सों में विरोधाभासी और असंगत बयान देते हैं तो उनकी गवाही विश्वसनीय नहीं रह जाती। अपर सत्र न्यायाधीश असद अहमद हाशमी की अदालत ने मुकेश चंद्र वर्मा, उनके पिता कौशल किशोर वर्मा और रवि वर्मा को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया।
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