बाराबंकी। न्यायालय ने दहेज हत्या के एक मुकदमे का फैसला सुनाते हुए मृतका के ससुर को सात वर्ष की कैद व 15 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। मृतका का पति उस समय नाबालिग था इसलिए उसका केस अभी किशोर न्यायालय में चल रहा है।
जिला सहायक शासकीय अधिवक्ता शैलेंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि थाना रामसनेहीघाट में एक मार्च 2012 को वादी नासिर ने तहरीर देकर एफआईआर दर्ज कराते हुए कहा था कि उसने अपनी बेटी का निकाह 2011 में थाना रामसनेहीघाट के गांव समीरगंज धरौली निवासी रसीद अहमद के साथ किया था।
मृतका के पति, ससुर व ससुराल के अन्य लोग दहेज में रंगीन टीवी व 50 हजार रुपये की मांग करते थे। यह मांग पूरी न होने के कारण बहू को प्रताड़ित करते थे। बाद में बहू को ससुराल में फंदे पर लटका देने से उसकी मौत हो गयी थी। पुलिस ने मृतका के पति रसीद, ससुर अजीज सहित पांच लोगों के विरुद्ध आरोप पत्र कोर्ट में पेश किया था।
अपर जिला जज अंशुमान पटनायक ने सुनवाई के बाद ससुर को दोषी करार देकर सात वर्ष की कैद व अर्थदंड से दंडित किया। पति घटना के समय नाबालिग पाया गया इसलिए उसका केस अलग कर किशोर न्यायालय भेजा गया। वहां अभी मामला लंबित है। कोर्ट ने अन्य आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया।
छेड़छाड़ के अभियुक्त को चार वर्ष की सजा
बाराबंकी। विशेष अपर सत्र न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट ने छेड़छाड़ व पॉक्सो अधिनियम में एक अभियुक्त को चार वर्ष की कैद व 7000 रुपये अर्थदंड भुगतने की सजा सुनाई है। विशेष लोक अभियोजक योगेंद्र सिंह व अनूप मिश्रा ने बताया कि कोतवाली रामसनेहीघाट क्षेत्र के एक ग्राम की किशोरी 18 जनवरी 2016 को अपनी बड़ी मम्मी व चचेरी बहन के साथ खेत गई थी।
तभी गांव का ही मनोज रावत उसे अकेला पाकर और कपड़े से मुंह बंदकर छेड़छाड़ करने लगा। पीड़िता के चिल्लाने पर घर की महिलाएं दौड़ीं तो वह उसे छोड़कर भाग गया। गवाहों के बयान व दोनों पक्षों की बहस सुनने बाद न्यायाधीश राजीव महेश्वरम ने अभियुक्त को दोषी पाते हुए चार वर्ष की कैद व अर्थदंड की सजा सुनाई है। संवाद