बाराबंकी। फर्जी कागजों से एंबुलेंस पंजीकरण कराने के मामले में बांदा जेल में बंद माफिया मुख्तार अंसारी की पेशी मंगलवार को एसीजेएम विपिन यादव की अदालत में हुई। मुख्तार को बांदा जेल से तो अन्य आरोपी जफर उर्फ चंदा को संतकबीर नगर और अफरोज उर्फ चुन्नू को गाजीपुर जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेश किया गया। तीसरे गवाह सभासद के बयान दर्ज हुए। अब अगली सुनवाई 25 अक्तूबर को होगी।
पंजाब की रोपड़ जेल में बंद रहने के दौरान मुख्तार अंसारी द्वारा पेशी पर आने-जाने के लिए एक एंबुलेंस का प्रयोग किया जाता था और यह एंबुलेंस बाराबंकी के एआरटीओ ऑफिस में फर्जी कागजों से पंजीकृत थी। इसे लेकर बीते दो अप्रैल 2021 को जिले के तत्कालीन एआरटीओ पंकज सिंह ने धोखाधड़ी का केस दर्ज कराया था। पुलिस ने मुख्तार समेत 13 लोगों को आरोपी बनाया था। बाद में गैंगस्टर की कार्रवाई हुई थी।
एंबुलेंस प्रकरण की सुनवाई एसीजेएम विपिन यादव की अदालत में हो रही है। मंगलवार को वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से सुनवाई हुई। एंबुलेंस के पते वाले मोहल्ले के सभासद सादिक ने तीसरे गवाह के रूप में अपने बयान दर्ज कराए। इस दौरान दो आरोपी अदालत में पेश हुए और बाकी के लिए हाजिरी माफी दी गई। अदालत में सुनवाई करते हुए अगले गवाह के रूप में मोहम्मद फैसल को बयान के लिए तलब किया है।मुख्तार अंसारी पर बाराबंकी में गैंगस्टर का मामला भी विचाराधीन है।