अंबेडकरनगर। अधूरी तैयारियों के बीच परिषदीय विद्यालयों की वार्षिक परीक्षाएं 16 मार्च से शुरू होंगी। इसके चलते छात्रों और शिक्षकों को तमाम दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। शिक्षकों के एसआईआर कार्यों में व्यस्त रहने के कारण अधिकांश विद्यालयों में पढ़ाई और पाठ्यक्रम पूरा करने में भी महज खानापूर्ति हुई है।
जिले के 1583 परिषदीय विद्यालयों में शिक्षा व्यवस्था पर इसका सीधा असर पड़ा है। जिससे उन्हें परीक्षा में कठिनाई का सामना करना पड़ेगा। शिक्षकों को भी बिना पूरी तैयारी के परीक्षाएं कराने में परेशानी हो रही है। प्रधानाध्यापकों का कहना है कि जब अच्छे से पढ़ाई नहीं हो पाई, तो बच्चे परीक्षा में क्या लिखेंगे। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष बृजेश कुमार मिश्रा ने बताया कि एसआईआर के कारण काफी संख्या में शिक्षकों की ड्यूटी लगी रही। इससे कक्षाओं में नियमित पढ़ाई बाधित हुई और पाठ्यक्रम समय पर पूरा नहीं हो सका।
शिक्षकों को शिक्षण के बजाय प्रशासनिक और सर्वेक्षण संबंधी कार्यों में अधिक समय देना पड़ा। ऐसे में छात्रों को अधूरे पाठ्यक्रम के साथ परीक्षा देना पड़ेगी। हालांकि बीएसए शैलेश पटेल का कहना है कि सभी विद्यालयों में कोर्स पूरा कराया गया है। शिक्षकों को बच्चों को परीक्षा से पूर्व पाठ्यक्रम का रिवीजन करवाने के लिए निर्देशित भी किया गया है।