सिंचाई निर्माण खंड प्रथम की नहरों के पुनरोद्धार के कार्य में कोई सुधार नहीं हो सका है। घटिया निर्माण सामग्री प्रयुक्त किए जाने व मानक के अनुरूप कार्य नहीं होने की शिकायत 15 दिन पहले मुख्यमंत्री से की गई थी जिसमें हैदरगढ़ ब्रांच नहर पर हुए कार्य की जांच कर कार्रवाई की मांग ग्रामीणों ने की थी।
रजबहा अल्पिका नहरों के निर्माण में धांधली के कारण किसानों को पानी ही नहीं मिल रहा है। सिंचाई निर्माण खंड प्रथम विभाग द्वारा क्षेत्र की नहरों में हो रहे पुनरोद्धार के कार्य में जमकर धांधली की जा रही है। हैदरगढ़ ब्रांच नहर पर पटरी पर बनाई जा रही दीवार में मानक से काफी घटिया कार्य होने से समीप के गांवों के किसानों में जबर्दस्त आक्रोश है।
मर्दापुर गांव के संतकुमार शुक्ला ने पांच फरवरी को मुख्यमंत्री के पास शिकायती पत्र भेज कर अधिशासी अभियंता राजेश यादव सहायक अभियंता शशांक शुक्ला व अवर अभियंता चंद्र प्रकाश शाक्य पर नहर निर्माण में लाखों रुपये गमन करने का आरोप लगाया है। लेकिन शिकायत के बाद भी निर्माण कार्यों की गुणवत्ता में कोई सुधार नहीं हुआ तथा निर्माण में खुलेआम घटिया ईंटों व अन्य निर्माण सामग्री का प्रयोग किया जा रहा है।
हैदरगढ़ ब्रांच नहर पर पटरी पर बनाई जा रही दीवार में मानक को दरकिनार कर दिया गया। दीवार निर्माण में पहले मझगंवा से मवइया तक आरसीसी पिलर बनाए गए थे लेकिन बाद में उसमें कटौती कर मर्दापुर, गनेश पुर गावाें के समीप पीली ईंटाें से नालियां बना कर गिट्टी मौरंग डाल कर औपचारिकता निभाई जा रही है। धांधली को छुपाने के लिए दीवार के ऊपर तत्काल प्लास्टर से ढंक दिया जाता है।
क्षेत्र मेें बनाई गई नहर की तली के आरसीसी की मोटाई मानक के अनुसार दस इंच होनी चाहिए लेकिन उसको घटा कर मात्र सात इंच कर दिया गया है। रेगयुलेटर से रायपुर तक दांई पटरी पर लगे खड़ंजे की ईंटे भी अधिकारियों की मिलीभगत से गायब कर दी गई। नहर में पहले से लगी लाइनिंग की ईंटों को ठेकेदार ने कौड़ियों के दाम पर बेच लिया है।