बाराबंकी। खाद्य पदार्थों में मिलावट की शिकायत अक्सर सामने आती रहती हैं। खासकर बाराबंकी में जहां मिठाई से लेकर दूध तक व मसालों से लेकर बिस्कुट तक में मिलावट हो चुका है। लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि किसी भी खाद्य पदार्थ की गुणवत्ता की जांच कराने का अधिकार खुद उपभोक्ताओं को भी है।
खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत कोई भी उपभोक्ता बाजार से खरीदे गए खाद्य पदार्थ का नमूना निर्धारित प्रक्रिया के तहत जांच के लिए प्रयोगशाला भेज सकता है। यदि जांच में मिलावट या मानक के विपरीत सामग्री पाई जाती है तो इसके आधार पर संबंधित विक्रेता या निर्माता के खिलाफ अदालत में कार्रवाई भी की जा सकती है। इसके बावजूद जिले में जागरूकता के अभाव में आज तक ऐसा एक भी मामला सामने नहीं आया है, जिसमें किसी उपभोक्ता ने स्वयं खाद्य पदार्थ का नमूना भरकर जांच के लिए भेजा हो। अधिकांश मामलों में मिलावट की शिकायतें तो मिलती हैं, लेकिन लोग खुद आगे बढ़कर वैधानिक प्रक्रिया अपनाने से बचते हैं। सहायक खाद्य उपायुक्त शैलेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि ग्राहक दुकानदार के समक्ष स्वयं नमूना सील कर लैब में जांच के लिए भेज सकता है। विभाग कार्रवाई कराएगा।