महादेवा (बाराबंकी)। श्री लोधेश्वर महादेवा तीर्थ में कॉरिडोर का निर्माण सावन मेला के बाद शुरू हो जाएगा। शासन ने 20 करोड़ रुपये और आवंटित कर दिए हैं जिससे बाकी 79 मकानों, दुकानों व जमीन की रजिस्ट्री होगी। जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया सावन से पहले पूरी कर ली जाएगी।
रामनगर तहसील क्षेत्र स्थित श्री लोधेश्वर महादेवा में काशी विश्वनाथ की तर्ज पर महादेवा कॉरिडोर का निर्माण प्रस्तावित है। कॉरिडोर को लेकर 145 मकानों-दुकानों को चिह्नित किया गया था। लोकसभा चुनाव से पहले शासन ने करीब 48 करोड़ रुपये मंजूर करते हुए सात करोड़ 31 लाख रुपये अवमुक्त किए जिससे 66 जमीनों की रजिस्ट्री प्रक्रिया पूरी हो गई थी।
तीन-चार दिन पहले शासन ने 20 करोड़ रुपये और दिए हैं। अधिकारियों के अनुसार शेष 79 मकानों, दुकानों व जमीन की रजिस्ट्री सावन से पहले पूरी कर ली जाएगी। सावन मेले के बाद भूमि का पूजन कर प्रस्तावित कॉरिडोर के निर्माण की शुरुआत हो जाएगी।
टूटेंगी दुकानें, मगर बढ़ेंगे रोजगार के साधन
चिह्नित कॉरिडोर के दायरे में आने वाली करीब 145 दुकानें और मकान प्रभावित होंगे। इन दुकानों से स्थानीय लोगों की रोजी-रोटी चलती है लेकिन लोग कॉरिडोर परियोजना को लेकर उत्साहित हैं। उनका मानना है कि कुछ दिक्कत तो होगी लेकिन कॉरिडोर बनने के बाद आय और रोजगार के साधन भी बढ़ेंगे।
महादेवा कॉरिडोर के निर्माण के लिए कार्यदायी संस्था वित्तीय मूल्यांकन करेगी। जल्द ही टेंडर प्रक्रिया पूरी की जाएगी। सावन मेले के बाद कॉरिडोर पर काम शुरू कर दिया जाएगा।
- राजेंद्र प्रसाद, उप निदेशक पर्यटन, अयोध्या मंडल
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