सिरौलीगौसपुर। तहसील क्षेत्र के किंतूर गांव में बीच में अटके आईटीआई भवन का निर्माण कार्य अब जल्दी पूरा होगा। शासन ने भवन के निर्माण कार्य को पूरा कराने के लिए चार करोड़ रुपये की राशि मंजूर की है। भवन न होने के कारण ही बीते कई साल से विद्यार्थियों को पढ़ने के लिए जिला मुख्यालय तक की दौड़ लगाना पड़ रही है।
आईटीआई भवन को बनाने की मंजूरी वर्ष 2013-14 में मिली थी। इसके लिए शासन ने 4.98 लाख रुपये का बजट जारी किया था। अल्पसंख्यक विभाग ने सीएनडीएस को कार्यदाई संस्था नामित करते हुए भवन का निर्माण कार्य शुरू कराया गया था। काम की रफ्तार काफी धीमी होने के कारण इसके निर्माण की लागत काफी बढ़ गई। इस कारण मुख्य भवन का निर्माण तो जैसे-तैसे पूरा हो गया मगर कार्यशाला, बाउंड्रीवॉल बनाने व बिजली कनेक्शन संबंधी अन्य जरूरी काम पूरे नहीं हो पाए। बचा हुआ काम पूरा कराने के लिए अतिरिक्त धनराशि का प्रस्ताव शासन को भेजा गया लेकिन इसे मंजूरी नहीं मिली।
भवन निर्माण पूरा न होने के बावजूद वर्ष 2017 में शासन ने आईटीआई में पद सृजित कर अनुदेशक कार्यदेशक व लिपिक संवर्ग के आठ पद पर तैनाती कर प्रवेश प्रक्रिया भी शुरू कर दी। जिन छात्र-छात्राओं ने यहां विभिन्न ट्रेडों में प्रवेश लिया, उन्हें पढ़ने के लिए जिला मुख्यालय की नोडल आईटीआई महुआमऊ जहांगीराबाद रोड भेजा जाने लगा। प्रवेश लेने के बावजूद करीब 50 किलो मीटर की दूरी तय करके पढ़ाई करने के लिए बहुत कम विद्यार्थियों ने आगे पढ़ाई जारी रखी। मौजूदा समय यहां सिर्फ 434 विद्यार्थी पंजीकृत हैं।
लगातार जारी पत्राचार के बाद निर्माण कार्य को पूरा कराने के लिए शासन ने पांच में से चार करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की है। नोडल आईटीआई के प्रधानाचार्य आशुतोष सिंह ने बताया कि शासन से धनराशि की मंजूरी मिलने के बाद ग्रामीण अभियंत्रण सेवा विभाग ने भवन के अधूरे निर्माण को पूरा कराना शुरू कर दिया है।