बाराबंकी। शहर में नगर पालिका परिषद कार्यालय के निकट स्थिति लेडी डाॅक्टर बंगले की जमीन पर ऑडिटोरियम के निर्माण का मामला कानूनी-दांवपेंच में उलझ गया है। करीब 20 साल बाद नगर पालिका ने जमीन से अतिक्रमण हटवाकर पिछले साल ऑडिटोरियम के लिए शासन से पांच करोड़ रुपये की मंजूरी कराई थी। जमीन पर दावेदारी करने वाले पक्ष ने एक मुकदमा अयोध्या मंडलायुक्त के यहां दायर कर रखा है, जिसका निस्तारण न होने तक हाईकोर्ट ने ऑडिटोरियम निर्माण पर रोक लगा रखी है।
माह सितंबर 2024 में जिला प्रशासन के प्रयास से न सिर्फ जमीन खाली हुई थी बल्कि ऑडिटोरियम के निर्माण के लिए शासन से पांच करोड़ रुपये भी मंजूर हुए थे। नगर पालिका के वरिष्ठ लिपिक कुलदीप ने जमीन पर कब्जा करने व जमीन को गलत तरीके से बेचने के मामले में एक दर्जन से ज्यादा लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। इस मामले में लखनऊ के मूल निवासी नौशाद आलम चंदा समेत चार लोग जेल भी भेज गए थे। वहीं मसौली ब्लाॅक प्रमुख मोहम्मद रईस समेत चार लोगों ने स्वयं के साथ जमीन खरीद में धोखाधड़ी किए जाने का मुकदमा भी दर्ज कराया था।
शासन से निर्माण कार्य के लिए बजट धनराशि जारी हो जाने के बावजूद सभागार के निर्माण का मामला कानूनी-दांवपेंच में उलझा है। डीएम सत्येंद्र कुमार के तबादला के बाद इस मामले को जिला प्रशासन से जुड़े अधिकारी भी भूल हैं। इसी लिए मंडलायुक्त के यहां लंबित वाद की उचित पैरवी भी नहीं की जा रही है। नगर पालिका के ईओ संजय कुमार का कहना है कि मंडलायुक्त के यहां सुनवाई लगभग पूरी हो चुकी है। शीघ्र निर्णय आने वाला है। इसके आधार पर ही आगे की कार्रवाई तय कर निर्माण में आने वाली बाधाओं को दूर किया जाएगा।