बाराबंकी। जिला सहकारी बैंक में पटेल डिग्री कॉलेज के खाते से अवैध तरीके से संचालन कर करोड़ों की हेराफेरी करने के मामले में तहरीर देने के बाद जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष सिद्धांत पटेल का इस्तीफा हुआ है। सियासी गलियारों में चर्चा है कि प्रबंधतंत्र की लड़ाई को मोहरा बनाकर सत्ताधारी दल के नेताओं ने आसानी से यह कुर्सी हथिया ली। बैंक में लेनदेन को लेकर की गई हेराफेरी की जांच तेज हो सकती है। इसमें कई लोगों की गर्दन फंसने की संभावना है।
जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष सिद्धांत पटेल ने पद से इस्तीफा देकर पत्र सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। अचानक इस्तीफे को लेकर इसके निहितार्थ तलाशे जाने लगे, जिसमें एक विद्यालय के खाते से कूटरचित कर पैसों के लेनदेन का मामला सामने आया है। बैंक के सायंकालीन प्रबंधक रामआधार ने इसे लेकर तहरीर शहर कोतवाली में दी थी, जिसमें हेराफेरी का जिक्र किया गया है। पुलिस ने दबाव बनाया तो मामला सियासी नेताओं की चौखट तक पहुंच गया। पंचायत हुई और तय हुआ कि अध्यक्ष पद छोड़ दें तो तहरीर वापस ले ली जाएगी।
सूत्रों का कहना है कि सत्ता के एक नेता के दबाव में आकर अध्यक्ष पद से इस्तीफा दिया गया। गुरुवार को जिला सहकारी बैंक के उपाध्यक्ष गुरू शरण सिंह लोधी को चार्ज सौंप दिया गया है। उधर, विद्यालय की कमेटी प्रकरण सामने आने के बाद गंभीरता से असलियत का पता लगा रही है। उधर दावा है कि इस्तीफे के बाद तहरीर वापस ले ली गई।